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Gaurav Gogoi PM Modi: नेहरू को पीछे छोड़ मोदी ने बनाया रिकॉर्ड, जश्न के बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार को घेरा

PM Modi Record Gaurav Gogoi:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम रहने का रिकॉर्ड बनाया है। इसी बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश का युवा बेरोजगारी के कारण विदेश भाग रहा है।
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भारत

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MI Zahir

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Updated: 10 Jun 2026, 3:10 PM IST

Gaurav Gogoi addressing media in Guwahati

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई। ( फोटो: ANI)

Gaurav Gogoi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार लंबे कार्यकाल के कारण देश में उत्सव का माहौल है और इधर कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद गौरव गोगाई ने केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। असम के गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार देश के बुनियादी संकटों से आंखें मूंद चुकी है। उन्होंने कहा कि आज देश की आम जनता आर्थिक तंगी, घटते रोजगार, कमजोर होती भारतीय मुद्रा और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बदहाली से बेहद परेशान है।

'भारतीय नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही'

उन्होंने दावा किया कि देश में गहराते आर्थिक संकट और चीन के बढ़ते सामरिक व आर्थिक प्रभाव के कारण भारतीय नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'आज चाहे अमीर हो या गरीब, बुजुर्ग हो या युवा, हर कोई एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की तलाश में भारत से बाहर जाने को मजबूर हो रहा है। देश की इस कड़वी हकीकत को प्रधानमंत्री और उनकी टीम पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है। सरकार के पास देश को आगे ले जाने की न तो कोई दूरदर्शिता है और न ही सही नियत, इसलिए वे जानबूझ कर असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रहे हैं।'

मोदी ने भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान कायम किया

यह तीखी राजनीतिक बयानबाजी उस ऐतिहासिक मोड़ पर सामने आई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पीएम मोदी अब भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार 4,398 दिनों तक पद पर रहने के रिकॉर्ड को पार कर लिया है। मोदी ने लगातार 4,399 दिनों तक इस पद पर रहकर एक नया मील का पत्थर छुआ है।

सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी

इस गौरवशाली उपलब्धि पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने लिखा कि यह ऐतिहासिक पड़ाव सिर्फ समय की अवधि का नहीं, बल्कि देश के कायाकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व में देश ने इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक वृद्धि, सामाजिक सशक्तीकरण और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वैश्विक पटल पर भारत की साख मजबूत हुई है और हमारी सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण हुआ है।

दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों ने भी मोदी को शुभकामनाएं दीं

उपराष्ट्रपति के साथ-साथ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और एनडीए के तमाम सहयोगी दलों के नेताओं सहित दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों ने भी प्रधानमंत्री मोदी को इस अभूतपूर्व रिकॉर्ड के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

विपक्षी खेमा इसे भुनाने की कोशिश में लगा हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जहां सत्ता पक्ष इसे 'स्वर्णिम काल' और 'विकसित भारत की नींव' बता रहा है, वहीं विपक्षी खेमा इसे भुनाने की कोशिश में है। कांग्रेस का कहना है कि सिर्फ दिनों की संख्या गिनने से देश का विकास नहीं होता, सरकार को जमीन पर मौजूद बेरोजगारी और महंगाई जैसे आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए।

संसद से लेकर सड़क तक घमासान बढ़ने की उम्मीद

आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक घमासान बढ़ने की उम्मीद है। विपक्ष इस बयान के बहाने संसद के आगामी सत्र में 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) और युवाओं के विदेश प्रवास के आंकड़ों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। वहीं, भाजपा गोगोई के इस बयान को देश की छवि खराब करने वाला बताकर पलटवार कर सकती है।

भारतीय छात्रों और कामकाजी पेशेवरों में विदेश जाने का रुझान बढ़ा

बहरहाल,इस पूरी बहस का एक दूसरा पहलू यह भी है कि डेटा के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों और कामकाजी पेशेवरों में विदेश जाने का रुझान बढ़ा है। हालांकि, इसका एक कारण वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभाओं की मांग बढ़ना भी है। विशेषज्ञ इसे केवल 'मजबूरी में पलायन' न मानकर वैश्विक अवसरों के विस्तार के रूप में भी देखते हैं। (इनपुट: ANI)