
सर्दियों की दस्तक के साथ ही उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का संकट फिर से गहरा गया है। नवंबर महीने में जहां दिल्ली की हवा हमेशा सुर्खियों में रहती है, वहीं इस बार एक पड़ोसी शहर ने सबसे खराब प्रदूषण का तमगा हासिल कर लिया। थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के मुताबिक, गाजियाबाद नवंबर 2025 में भारत का सबसे प्रदूषित शहर रहा।
गाजियाबाद में मासिक औसत पीएम 2.5 सांद्रता 224 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई, जो महीने के सभी 30 दिनों में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों से अधिक थी। दिल्ली, जो अक्सर प्रदूषण की राजधानी कहलाती है, इस बार चौथे स्थान पर खिसक गई।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के छह शहरों ने टॉप 10 प्रदूषित शहरों की सूची में जगह बनाई, जबकि हरियाणा के तीन और दिल्ली शामिल हैं। NCR के 29 में से 20 शहरों में पीएम2.5 स्तर पिछले साल के मुकाबले बढ़ा।
| रैंक | शहर | राज्य |
| 1 | गाजियाबाद | यूपी |
| 2 | नोएडा | यूपी |
| 3 | बहादुरगढ़ | हरियाणा |
| 4 | दिल्ली | दिल्ली |
| 5 | हापुड़ | यूपी |
| 6 | ग्रेटर नोएडा | यूपी |
| 7 | बागपत | यूपी |
| 8 | सोनीपत | हरियाणा |
| 9 | मेरठ | यूपी |
| 10 | रोहतक | हरियाणा |
टॉप 10 शहरों में दिल्ली को छोड़कर ज्यादातर में पिछले साल की तुलना में पीएम 2.5 का स्तर ज्यादा दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी में 23 बेहद खराब दिन, 6 गंभीर दिन और एक खराब दिन दर्ज किया गया। दरअसल, दिल्ली 215 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के मासिक औसत के साथ चौथे स्थान पर रही, जो अक्टूबर के औसत 107 माइक्रोग्राम से लगभग दोगुना है।
वहीं रिपोर्ट में बताया गया कि इस साल दिल्ली में प्रदूषण पराली के कारण कम रहा; नवंबर में औसतन 7 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले साल यह 20 प्रतिशत था। सीआरईए ने बताया कि अधिकतम योगदान 22 प्रतिशत तक पहुँच गया, जो पिछले साल के 38 प्रतिशत से काफी कम है।
वहीं मेघालय का शिलांग सबसे साफ शहर था, जहां महीने का औसत PM2.5 कंसंट्रेशन सिर्फ 7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था।
Updated on:
06 Dec 2025 09:55 pm
Published on:
06 Dec 2025 09:55 pm
