
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबर है। सरकार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत उनके पेंशन लाभ में बड़ी बढ़ोतरी कर सकती है। टी.वी. सोमनाथन की अगुवाई वाले पैनल ने कर्मचारियों को पेंशन के रूप में अंतिम मूल वेतन के 50 फीसदी तक की गारंटी की सिफारिश की है। अगर सिफारिश मान ली जाती है तो रिटायर होने से पहले कर्मचारी की जो बेसिक सैलरी होगी, उसका 50 फीसदी मासिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
मार्च 2023 में वित्त सचिव टी.वी. सोमनाथन की अगुवाई में पैनल का गठन ओल्ड पेंशन सिस्टम (ओपीएस) पर वापस लौटे बगैर सरकारी कर्मचारियों के लिए एनपीएस के तहत पेंशन लाभ बढ़ाने के तरीके सुझाने के लिए किया गया था। कई राज्य एनपीएस छोडक़र ओपीएस पर लौटना शुरू कर चुके हैं। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक पैनल ने मई में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट काफी हद तक 2023 में लागू आंध्र प्रदेश एनपीएस मॉडल से प्रभावित है। इसे पुरानी और नई पेंशन स्कीम का मिला-जुला मॉडल कहा जा सकता है। गारंटीशुदा पेंशन राशि को पूरा करने के लिए पेंशन कोष में कमी को केंद्र सरकार के बजट से कवर किया जाएगा। इससे करीब 87 लाख केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों को फायदा होगा, जो 2004 से एनपीएस में रजिस्टर्ड हैं।
आंध्र प्रदेश गारंटीड पेंशन सिस्टम (एपीजीपीएस) अधिनियम, 2023 के तहत सरकारी कर्मचारियों को उनकी अंतिम सैलरी का 50 फीसदी मासिक पेंशन के रूप में दिया जाता है। इसमें महंगाई राहत (डीआर) शामिल है। इसके अलावा मृत कर्मचारी के पति या पत्नी को 60 फीसदी मासिक पेंशन की गारंटी दी जाती है।
Updated on:
11 Jun 2024 08:35 am
Published on:
11 Jun 2024 08:35 am
