
राम रहीम (X-@Tamal0401)
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम आज 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आ रहे हैं। यह उनकी 15 वीं पैरोल है। वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आएंगे। वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में रहेंगे।
रोहतक के डिविजनल कमिश्नर ने शनिवार को राम रहीम की पैरोल मंजूर कर दी। राम रहीम ने डेरा के दूसरे प्रमुख शाह सतनाम सिंह के 25 जनवरी को होने वाले जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए पैरोल की अर्जी दी थी
राम रहीम को 2025 में तीन बार पैरोल मिली। दिल्ली चुनाव से पहले वह जनवरी में 30 दिनों के लिए जेल से बाहर आए थे। इसके बाद अप्रैल में उन्हने 21 दिनों के लिए पैरोल मिली थी।
वहीं, अगस्त में राम रहीम को 40 दिनों के लिए पैरोल मिली थी। हालांकि पैरोल के नियम बलात्कार-हत्या के दोषी को भीड़ का हिस्सा बनने से रोकते हैं, लेकिन उन्हें हर बार वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए फॉलोअर्स से बातचीत करने की इजाजत दी गई।
राम रहीम को सबसे पहले 2017 में दो महिला अनुयायियों के साथ बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। वह 2017 के बाद से अब तक 14 बार जेल से रिहा किया जा चुका है। ज्यादातर बार वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित डेरा के आश्रम में रहे हैं।
CBI कोर्ट ने रहीम को दो रेप मामलों में से प्रत्येक में 10 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद, CBI कोर्ट ने उन्हें पत्रकार छत्रपति की हत्या के मामले में और डेरा मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
2019 में राम रहीम को तीन अन्य लोगों के साथ पत्रकार छत्रपति की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था, यह अपराध 16 साल से भी पहले हुआ था।
24 अक्टूबर, 2020- सबसे पहले राम रहीम को अक्टूबर 2020 में पैरोल मिली थी। राम रहीम को तब सिर्फ 1 दिन की पैरोल मिली थी, जिसका कारण उनकी बीमार मां से मिलने जाना था।
7 फरवरी 2022- 7 फरवरी 2022 को राम रहीम को 21 दिन की पैरोल मिली थी, तब पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले थे। हालांकि, उस क्यों उन्हें पैरोल मिली, इसका कारण स्पष्ट नहीं है।
जून 2022- जून 2022 में राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली थी। तब हरियाणा में 46 स्थानीय निकायों के चुनाव करीब थे, जिनमें 18 नगर निगम चुनाव शामिल थे। इस दौरान राम रहीम बागपत के आश्रम में रहे थे। यह पैरोल हरियाणा नगर निगम चुनाव से पहले मिली थी।
अक्टूबर 2022- अक्टूबर 2022 में राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिली थी। तब हरियाणा पंचायत चुनाव और आदमपुर उपचुनाव होने वाले थे।
जनवरी 2023- जनवरी 2023 में राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिली थी, जब डेरा के पूर्व प्रमुख शाह सतनाम की जयंती थी।
जुलाई 2023- जुलाई 2023 में राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली थी।
नवंबर 2023- नवंबर 2023 में राम रहीम को 21 दिन की पैरोल मिली थी।
जनवरी 2024- जनवरी 2024 में राम रहीम को 50 दिन की पैरोल मिली थी, जब लोकसभा चुनाव नजदीक थे।
अगस्त 2024- अगस्त 2024 में राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली थी।
अक्टूबर 2024- अक्टूबर 2024 में राम रहीम को 20 दिन की पैरोल मिली थी।
जनवरी 2025- जनवरी 2025 में राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली थी।
अप्रैल 2025- अप्रैल 2025 में राम रहीम को 21 दिन की पैरोल मिली थी।
अगस्त 2025- अगस्त 2025 में डेरा प्रमुख को 40 दिनों की पैरोल मिली थी।
उधर, पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल ने पैरोल को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि राम रहीम कोई आम कैदी नहीं बल्कि एक पक्का अपराधी है और उसे बार-बार रिहा करने के पीछे के कारण पर सवाल उठाया है।
हालांकि, हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट के सामने अपने फैसले का बचाव किया है और एक हलफनामा दाखिल कर कहा है कि राम रहीम पक्के अपराधी की कैटेगरी में नहीं आता और उसे अच्छे व्यवहार वाला कैदी माना जाता है।
जेल नियमों के अनुसार, अच्छे व्यवहार वाले कैदियों को पैरोल या फरलो का हक होता है। मौजूदा नियमों के तहत, एक कैदी को एक साल में 90 दिनों तक की पैरोल दी जा सकती है, जिसका हवाला राज्य सरकार ने राम रहीम को बार-बार दी गई पैरोल को सही ठहराते हुए दिया है।
Published on:
05 Jan 2026 09:32 am
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