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Fake Embassy Scam: पूर्व PM के सलाहकार के साथ तस्वीर, 300 करोड़ का घोटाला, जानिए फर्जी दूतावास मामले में क्या-क्या पता चला

Fake Embassy Scam में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस को पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के बेहद करीबी सलाहकार तांत्रिक चंद्रास्वामी और सऊदी हथियार डीलर अदनान खशोगी के साथ हर्षवर्धन जैन की तस्वीरें मिली हैं।

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Fake embassy busted in Ghaziabad 44 lakh cash recovered

गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का भंडाफोड़ | Image Source - Social Media

Fake Embassy Scam: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में फर्जी दूतावास चलाने के मामले में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन (Harshvardhan Jain) को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं। हर्षवर्धन के बी-35 कविनगर स्थित मकान से बरामद दस्तावेज की जांच से पता चला है कि उसने अहसान अली सैयद के साथ मिलकर विदेशों में कई कंपनियां पंजीकृत कराईं।

10 सालों में की 162 विदेश यात्रा

नोएडा एसटीएफ के मुताबिक अब तक 25 कंपनियों और बैंक खातों की जानकारी सामने आ चुकी है। हर्षवर्धन जैन के विदेशों में कई खातों की भी जानकारी मिली है। उसने 10 वर्षों में 162 बार विदेश यात्रा की है। पुलिस अब हर्षवर्धन को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। कस्टडी रिमांड की अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी।

एसटीएफ की टीमें 300 करोड़ से अधिक के एक घोटाले की जांच कर रही हैं, जिसमें हर्षवर्धन की संलिप्तता सामने आई है। यह घोटाला विदेश में लोन दिलाने के नाम पर किया गया। नोएडा एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि हर्षवर्धन हवाला और लाइजनिंग के कारोबार में भी सक्रिय था।

जांच से पता चला है कि यह नकली दूतावास 2017 से चल रहा था। जैन अपने रुतबे को बरकरार रखऩे लिए 'दूतावास' के बाहर भंडारे का आयोजन करता था। उसने छह महीने पहले ही इस मकान को किराए लिया था। वह करीब आठ साल से फर्जी दूतावास चला रहा था।

चंद्रास्वामी ने ही खशोगी से मिलवाया था

नकली दूतावास पर छापेमारी के दौरान पुलिस को पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के बेहद करीबी सलाहकार तांत्रिक चंद्रास्वामी और सऊदी हथियार डीलर अदनान खशोगी के साथ हर्षवर्धन जैन की तस्वीरें मिली हैं। चंद्रास्वामी 80 और 90 के दशक में काफी प्रभावशाली थे। वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में 1996 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके आश्रम पर छापे में अदनान खशोगी के साथ लेन-देन का भी खुलासा हुआ।

एसटीएफ ने पाया है कि चंद्रास्वामी ने ही जैन को अदनान खशोगी और ठग अहसान अली सईद से मिलवाया था। सईद पर आरोप है कि उसने जैन के साथ मिलकर 25 फर्जी कंपनियां खोलीं जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। हैदराबाद में जन्मा सईद बाद में तुर्की का नागरिक बन गया।

10 सालों में 162 विदेश यात्राएं, 19 देशों का दौरा

पासपोर्ट रिकॉर्ड से खुलासा हुआ है कि हर्षवर्धन ने साल 2005 से 2015 के बीच 10 वर्षों में 162 बार विदेश यात्रा की। वह 19 देशों में गया, जिनमें सर्वाधिक 54 बार यूएई, 22 बार यूके, मॉरीशस, फ्रांस, कैमरून, पोलैंड, श्रीलंका, टर्की, इटली, सेबोर्गो, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, जर्मनी और थाईलैंड शामिल हैं। एसटीएफ इन यात्राओं के विस्तृत विवरण की जांच कर रही है।