
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Photo-IANS)
Haryana Rajya Sabha Election 2026: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में मतगणना शुरू होने के तुरंत बाद रोक दी गई, जिससे राजनीतिक हंगामा मच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर 'खेला' या हेरफेर की आशंका जताई है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्रभावित करने की साजिश रची जा रही है, जबकि भाजपा ने भी कांग्रेस के कुछ वोटों पर आपत्ति जताई है।
मतदान शाम 5 बजे समाप्त हुआ, जिसमें हरियाणा विधानसभा के 90 में से 88 विधायकों ने हिस्सा लिया। इनेलो के दो विधायकों ने वोटिंग से दूर रहकर बहिष्कार किया। दो सीटों के लिए मुख्य उम्मीदवार हैं: भाजपा के संजय भाटिया (जिनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है), कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, जो यदि एकजुट रहें तो बौद्ध की जीत सुनिश्चित हो सकती है, लेकिन क्रॉस वोटिंग की आशंका से कांग्रेस सतर्क है।
गिनती शुरू होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के दो वोटों पर आपत्ति लगाई, जबकि कांग्रेस ने भाजपा मंत्री अनिल विज के वोट की गोपनीयता लीक होने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह के वोट पर भी गोपनीयता भंग का दावा किया गया। इन आपत्तियों के कारण गिनती एक घंटे से अधिक समय से रोकी हुई है। कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध की ओर से रिटर्निंग अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी शिकायत दी गई है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पत्र में लिखा, 'चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप की साफ कोशिश हो रही है। वैध मतदाताओं या डाले गए वोटों को अयोग्य ठहराने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव की शुचिता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।' उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत दखल देकर निष्पक्षता सुनिश्चित करने, प्रक्रिया जारी रखने और आवश्यकता पड़ने पर पार्टी प्रतिनिधिमंडल (वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में) से मुलाकात का समय देने की मांग की।
यह घटना हरियाणा में राजनीतिक तनाव को बढ़ा रही है, जहां कांग्रेस क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए अपने विधायकों को शिमला ले गई थी। भाजपा का दावा है कि उनकी एक सीट तय है और दूसरी पर भी मजबूत स्थिति है। चुनाव आयोग ने अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन दोनों पक्षों की आपत्तियों के बीच परिणाम घोषणा में देरी हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गोपनीयता उल्लंघन साबित होता है तो चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठेंगे।
यह मामला राज्यसभा चुनाव 2026 के अन्य राज्यों में भी निगरानी बढ़ा रहा है, जहां क्रॉस वोटिंग और गठबंधन की राजनीति जोरों पर है। कांग्रेस इसे भाजपा पर दबाव बनाने का मौका मान रही है, जबकि सत्ताधारी दल इसे कांग्रेस की हार की आशंका से जोड़ रहा है। परिणाम का इंतजार जारी है।
Published on:
16 Mar 2026 09:40 pm
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