
लोकसभा में प्रियंका गांधी वाड्रा। (फोटो- IANS)
लोकसभा में मानसून सत्र के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सदन में एक बयान को लेकर इतना हंगमा हुआ कि स्पीकर ओम बिरला ने प्रियंका गांधी के बयान को कार्यवाही से हटा दिया।
स्पीकर ने प्रियंका से साफ शब्दों में यह भी कहा- बिना किसी तथ्य के शिक्षा मंत्री के खिलाफ इस तरह का बयान नहीं दिया करें। बता दें कि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ऐसे शख्स को नया शिक्षा मंत्री बनाया है, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की। इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया।
इस बयान पर आपत्ति जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- प्रियंका गांधी को इस तरह के अमर्यादित बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए। इस पर प्रियंका ने कहा- मैं सबूत आपको भेज दूंगी।
प्रियंका गांधी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि इस सरकार में रोजगार पैदा करने वाले सभी सेक्टर कमजोर हुए। पेपर लीक से करोड़ों छात्रों का नुकसान हुआ, लेकिन एक को भी सजा नहीं हुई।
प्रियंका ने सरकार को घेरते हुए यह भी कहा- शिक्षण संस्थाओं में संघ के प्रचारकों को भर-भरकर उसे खोखला बना दिया। एनटीए बनाकर परीक्षा सिस्टम का केंद्रीकरण कर दिया गया। हर साल शिक्षा का बजट कम हो रहा है।
उन्होंने कहा- देश के युवाओं का भरोसा इस सिस्टम से टूट चुका है। भरोसे को बनाने के लिए उसी सिस्टम से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता। उसके दायरे से बाहर निकल ठोस प्रयास करना पड़ता है।
प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कहा- पुराने शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया और उनका संसद में कल ऐसा स्वागत किया गया जैसे कोई सुपरस्टार पहुंचा हो। कल जब उनको मुकुट पहनाया जा रहा था, तब महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी के सुसाइड का मातम मना रहा था। जहां शर्म होनी चाहिए, वहां बेशर्मी से स्वागत कराया जा रहा।
Updated on:
28 Jul 2026 05:46 pm
Published on:
28 Jul 2026 05:32 pm
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