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हिमाचल का पहला Cable Stayed Bridge जनता को समर्पित, जानिए इसकी खाशियत

सीएम जयराम ठाकुर ने मंडी जिले में सूबे का पहला केवल स्टेयड पुल जनता को समर्पित कर किया दिया है। मंडी के हणौगी स्थित इस केबल पुल का निर्माण में 25 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे बनाने में चार साल का वक्त लगा है।

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JAIRAM THAKUR

JAIRAM THAKUR

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश के मंडी जिले में सीएम ठाकुर ने इसका उद्घाटन करते हुए सूबे का पहला केबल स्टेयल पुल जनता को समर्पित किया है। आधुनिक इंजीनियरिंग की मिसाल कोलकाता और दिल्ली की तर्ज पर 25 करोड़ की लागत से बनने वाला हिमाचल का पहला हणोगी-खोलनाल केबल स्टेयलब्रिज लगभग तैयार किया है। सराज और द्रंग के लोगों को पुल बनने से पंडोह नहीं जाना पड़ेगा और इससे 20 किलोमीटर दूरी कम होगी। सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा।


केबल स्टेयड पुल का लोकार्पण करने के बाद हणोगी में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि साल 2018 में इस पुल का शिलान्यास किया था और आज इसे जनता को समर्पित कर दिया गया है। केबल पर टिका यह अपनी तरह का प्रदेश का पहला पुल है और इससे सराज तथा द्रंग के लोगों को आवागमन की और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।


मंडी के हणौगी स्थित इस केबल पुल का निर्माण में 25 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसको बनाने में चार साल का वक्त लगा है। आपको बता दें कि दिल्ली, गोवा, मुंबई और नागपुर में इस तरह के पुलों का निर्माण होता है।


केबल पुल से कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति जिलों को फायदा होगा। इसके साथ ही सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। सराज और द्रंग के लोगों को पुल बनने से पंडोह नहीं जाना पड़ेगा। सबसे खास बात यह है कि इससे उनकी 20 किलोमीटर दूरी कम होगी।

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इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हणोगी पुल की समीपवर्ती चार पंचायतों को लोगों की मांग पर विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए 10-10 लाख रुपये तथा दो अन्य पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया है। उन्होंने हणोगी माता मंदिर में नवरात्रों के उपलक्ष्य में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के आरोग्य एवं समृद्धि की कामना की।