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मूसलाधार बारिश से मंडी में आई बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त: 300 से ज्यादा सड़कें अवरुद्ध, स्कूलें बंद

Mandi Heavy rain: मंडी में मूसलाधार बारिश की वजह से एक दर्जन से ज्यादा नए भूस्खलन हुए और सेराज समेत कई इलाकों में हालात ​खराब हो गए है। भारी बारिश से 331 सड़कें बंद हो गई है।

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मंडी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त (Photo-IANS)

Himachal Pradesh Flood: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मंगलवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश की वजह से एक दर्जन से ज्यादा नए भूस्खलन हुए और सेराज समेत कई आपदा प्रभावित इलाकों में पहले से ही नाजुक हालात और बिगड़ गए। मंडी में कम से कम 331 सड़कें अवरुद्ध होने से सामान्य जनजीवन ठप्प हो गया। इनमें दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग- एनएच-21 (मंडी-कुल्लू) रोपवे के पास 9 मील के पास और एनएच-003 (मंडी-धर्मपुर) केंची मोड़ पर अवरुद्ध हैं।

एक दर्जन से ज्यादा भूस्खलन, 331 सड़के अवरुद्ध

शिमला स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को मंडी में भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मरम्मत कार्य नुकसान के अनुपात में मुश्किल से ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज अवरुद्ध 331 सड़कों में से 148 को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और अन्य विभागों द्वारा कल ही खोल दिया गया था। लगातार बारिश ने इस प्रगति को काफी हद तक बाधित कर दिया है।"

बिजली सप्लाई और जलापूर्ति योजनाएं ठप

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बिजली की सप्लाई नहीं हो पा रही है। मंगलवार को 657 बिजली लाइनों बाधित हो गई है जबकि पिछले दिनों यह संख्या 22 थी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि इसी तरह मंडी जिले भर में 86 जलापूर्ति योजनाएं भी ठप रहीं।

सभी सरकारी और निजी स्कूले बंद

देवगन ने बताया कि सेराज संभाग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 122 सड़कें अवरुद्ध हैं, इसके बाद थलौट में 56, करसोग में 55, धरमपुर में 35 तथा अन्य संभागों में भी कम संख्या में सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें मंडी द्वितीय (12), पधर (10), गोहर (10), नेरचौक (14), सरकाघाट (12), सुंदरनगर (1) और जोगिंदरनगर (2) शामिल हैं। लगातार बारिश और बिगड़ते हालात के कारण, एहतियात के तौर पर सुंदरनगर उपमंडल के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद करने का आदेश दिया गया।