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हिमाचल की सुक्खू सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगाया ‘अनाथ एवं विधवा सेस’, BJP बोली- ‘घरेलू बजट को बिगाड़ने की एक और कोशिश’

Himachal Pradesh Widow and Orphan Cess: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर विधवा एवं अनाथ उपकर लागू किया है। इस पर बीजेपी आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है।
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शिमला

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Satya Brat Tripathi

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Updated: 12 Aug 2026, 9:40 AM IST

petrol diesel cess in himachal pradesh.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू। (Photo- IANS)

Himachal Pradesh Widow and Orphan Cess: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर 'विधवा एवं अनाथ' सेस आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। यह सेस (उपकर) 11 अगस्त की मध्यरात्रि से प्रभावी हो गया है। इस संबंध में राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने मंगलवार को अधिसूचना जारी की। इसके तहत राज्य में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की पहली बिक्री के स्तर पर यह उपकर लगाने की अनुमति दी गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए अब भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'अनाथ एवं विधवा उपकर सुनने में भले ही एक नेक उद्देश्य के लिए उठाया गया कदम लगता हो, लेकिन इससे संभावित रूप से कितने लाभार्थियों को फायदा मिलेगा और उपकर से होने वाली वसूली के मुकाबले उन्हें कितनी राशि दी जाएगी, इस संबंध में आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यह हिमाचल की जनता से एक और तरीके से पैसा वसूलने और उनके घरेलू बजट पर बोझ डालने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में सबसे खराब सरकार चलाई है। वर्ष 2027 में प्रदेश की जनता कांग्रेस को पूरी तरह सत्ता से बाहर कर देगी।'

शिमला में पेट्रोल-डीजल के नए रेट

सुक्खू सरकार द्वारा पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर सेस लगाए जाने के बाद शिमला में पेट्रोल 103.08 रुपए और डीजल 95.27 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध है। सेस लगाए जाने से पहले शिमला में पेट्रोल 102.48 रुपए और डीजल 94.67 रुपए प्रति लीटर की दर से उपलब्ध था।

राज्य सरकार ने क्या दिया तर्क?

पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाए जाने को लेकर सरकार ने तर्क दिया कि सेस से वसूली जाने वाली राशि अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

ध्यान रहे कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इस साल की शुरुआत में बजट सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया था। संशोधन के तहत राज्य सरकार को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक विधवा एवं अनाथ उपकर लगाने का अधिकार दिया गया था। विधानसभा में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ था, जिससे अतिरिक्त उपकर लगाने के लिए कानूनी आधार तैयार हुआ।