18 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Hindi Diwas 2022 : 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस? जानें इतिहास और महत्‍व

Hindi Diwas 2022 : हर वर्ष 14 सितंबर को देश में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। ये दिन देश में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। यह भारतीय गणराज्य की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है।

2 min read
Google source verification
Hindi Diwas 2022

Hindi Diwas 2022

Hindi Diwas 2022: भारत विविधताओं का देश है, यहां सैकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती है। इनमें से हिंदी सबसे अधिक राज्यों में बोली जाने वाली भाषा है। पूरे देश में आज यानी 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा के महत्व को पहचानने और युवा पीढ़ी को इसके अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। हिंदी भाषा के महत्व को प्रदर्शित करने और उजागर करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और संगठनों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन ही साल 1949 को विधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था।


साल 1918 में महात्मा गांधी ने एक हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था। इसके बाद साल 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो देश में राजभाषा के चुनाव पर सवाल खड़ा हुआ। 14 सितंबर, 1949 को विचार-विमर्श के बाद संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा घोषित कर दिया गया। भारतीय संविधान के भाग 17 के अनुच्छेद 343 (1) में इसका वर्णन है।


हिंदी साहित्य का सम्मान करने और हिंदी भाषा के प्रति सम्मान दिखाने के लिए आज के दिन देशभर में कई सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किए जाते हैं। हिंदी दिवस पर, मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और नागरिकों को हिंदी भाषा में उनके योगदान के लिए राजभाषा कीर्ति और राजभाषा गौरव जैसे पुरस्कार भी दिए जाते हैं।

यह भी पढ़ें- हिन्दी दिवस : छिंदवाड़ा में ऐसी है बोली, जिसे सीखने आई थी जर्मन विशेषज्ञ



- हिंदी को इसका नाम फारसी शब्द हिंद से मिला है, जिसका अर्थ है सिंधु नदी की भूमि।
- हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली पहली भाषा मानी जाती है।
- बिहार उर्दू की जगह हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने वाला पहला राज्य है।
- भारत के अलावा नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अन्य पड़ोसी देशों में भी हिंदी व्यापक रूप से बोली जाती है।

यह भी पढ़ें- सर्वोच्च न्यायालय में जल्द होगा हिन्दी का उपयोग-केंद्रीय गृहराज्यमंत्री