
8 से 10 जून के बीच पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश संभव। ( File Photo- IANS)
Southwest Monsoon Advances in Northeast India: दक्षिण पश्चिम मानसून रविवार को पूर्वोत्तर भारत के नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया। अगले तीन-चार दिन में इसके तमिलनाडु और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल है। इस बीच मानसून सक्रिय होने से केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर-पूर्वी भारत में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के एक अधिकारी के अनुसार, इस वर्ष भारत के कुछ हिस्सों में मजबूत अल नीनो परिस्थितियों के बनने का अनुमान है, फिर भी इसका पहाड़ी पूर्वोत्तर क्षेत्र पर किसी बड़े प्रतिकूल प्रभाव की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में विस्तृत वनावरण, विविध भौगोलिक संरचना और अनुकूल जलवायु परिस्थितियां मौजूद हैं, जो इसके प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर देती हैं। अधिकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में वर्षा सामान्य से अधिक रहने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक 8 से 10 जून के बीच पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश की हो सकती है। इसी तरह छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 8 से 13 जून तक छिटपुट बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में 8-13 जून तक भारी बारिश की संभावना है। जबकि दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होगी।
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण क्षेत्र में दस्तक दे दी है, लेकिन पूरे राज्य में इसके प्रभावी रूप से सक्रिय होने में अभी कुछ समय लग सकता है। मौसम विभाग के नवीनतम अनुमान के अनुसार, 15 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और पर्याप्त मानसूनी वर्षा की संभावना कम है। ऐसे में किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में जल्दबाजी न करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून फिलहाल सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। इन इलाकों में 9 जून तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मानसून की आगे बढ़ने की रफ्तार फिलहाल धीमी रहने के संकेत हैं। पूर्वानुमान के अनुसार, 15 जून तक विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ भागों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बावजूद इसके, यह वर्षा इतनी व्यापक नहीं होगी कि बड़े स्तर पर खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो सकें।
दूसरी ओर, राज्य के कई क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि कम से कम 12 जून तक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है। विदर्भ और खानदेश के कुछ इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि मराठवाड़ा में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
Updated on:
8 Jun 2026, 12:21 AM IST
Published on:
8 Jun 2026, 12:21 AM IST
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