
बारिश का अलर्ट जारी
Waether Alert: देश के कई हिस्सों में मार्च के आखिरी दिनों में प्री-मानसून के चलते बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। सोमवार को मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। भारतीय मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने बताया कि बीते सोमवार को मध्य प्रदेश में जमकर बारिश हुई। IMD के अनुसार भोपाल, बैतूल, मैहर, श्योपुर, मंदसौर और नीमच जमकर भीगे। विभाग ने 31 मार्च व 1 अप्रैल को राज्य के 6 जिलों में ओले गिरने और 10 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की है।
राजस्थान में भी मार्च महीने के आखिरी सप्ताह में जमकर बारिश हुई है। प्री-मानसूनी बारिश के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बीते सोमवार को कोटा में ओले भी गिरे। जैसलमेर में दोपहर में आंधी चली।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। आसमान ज्यादातर बादलों से भरा रहेगा। दोपहर या शाम के समय बारिश हो सकती है, जिसके साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की है। तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल में हल्की बारिश की संभावना है। 2 अप्रैल को पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, ओडिशा में हल्की बारिश की संभावना है।
महाराष्ट्र के पुणे में सोमवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। यहां भी अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल में भी बारिश हुई है। ओले गिरने के चलते फसलों को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण इस मौसम परिवर्तन का मुख्य कारण है। 2 अप्रैल के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे 3 और 4 अप्रैल को दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश और तेज हवाओं से दिल्ली की हवा में अस्थायी सुधार की उम्मीद है। हल्की बारिश और तेज हवाएं प्रदूषकों को फैलाने में मदद करती हैं, हालांकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी खराब से बहुत खराब श्रेणी में रह सकता है।
Published on:
31 Mar 2026 08:16 am
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