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‘पिछले 11 सालों में भारत में एक्सप्रेसवे की लंबाई 93 KM से बढ़कर हुई 5110 KM’, नितिन गडकरी ने संसद में दी जानकारी

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 5110 किलोमीटर लंबाई में से 2636 किलोमीटर पहले ही चालू हो चुकी है।

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भारत

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Ashib Khan

Jul 24, 2025

लोकसभा में नितिन गडकरी नेराजमार्गों को लेकर दी जानकारी (Photo-IANS)

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में भारत में एक्स्प्रेसवे को लेकर जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालों में देश में एक्सप्रेसवे की लंबाई 93 किलोमीटर से बढ़कर 5110 किलोमीटर हो गई है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे सहित एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर की लंबाई मार्च 2014 में मात्र 93 किलोमीटर थी, जो कि अब बढ़कर 5110 किलोमीटर हो गई है।  

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि देश में वर्तमान में 7.8 लाख करोड़ रुपये के निवेश से 29,400 किलोमीटर लंबी 1240 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना निर्माणाधीन हैं। 

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 5110 किलोमीटर लंबाई में से 2636 किलोमीटर पहले ही चालू हो चुकी है। उन्होंने लोकसभा को बताया कि देश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की कुल लंबाई मार्च 2014 में 91287 किलोमीटर थी, जो कि अब बढ़कर 1,46,342 किलोमीटर की हो गई है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अप्रेल 2014 से केंद्र सरकार ने अब तक देश में राज्य राजमार्गों और ग्रीनफील्ड खंडों सहित करीब 54,004 किलोमीटर राज्य सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में अधिसूचित करने के बाद, उन्हें अपने हाथ में लिया है। इससे केंद्र को राजमार्ग विकास की गति में तेजी लाने में मदद मिली है।

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में पिछले 11 सालों में राजमार्ग निर्माण की गति में भी वृद्धि हुई है। 2014-15 में यह 12 किलोमीटर प्रतिदिन थी जो कि 2023-24 में 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई। वहीं 2024-25 में 29 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार को समय-समय पर विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से राज्य के राजमार्गों सहित राज्य सड़कों को नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के प्रस्ताव प्राप्त होते रहते हैं। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा के व्यापक सिद्धांतों, कनेक्टिविटी की आवश्यकता, यातायात घनत्व, पारस्परिक प्राथमिकता और पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) के साथ तालमेल के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं।