
Independence Day 2026: रेलवे नेटवर्क को लेकर हाई अलर्ट! फोटो सोर्स- X (@UPPOLICE_NEWS5)
Independence Day 2026: भारतीय रेलवे, हाल के महीनों में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) समर्थित तत्वों का प्रमुख निशाना बन गया है। एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने की कोशिशों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीर चिंता जताई है। हाल में नाकाम की गई आतंकी साजिशों और मिले खुफिया इनपुट से रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने की एक सुनियोजित कोशिश के संकेत मिले हैं।
एक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी के अनुसार, ISI ने अपनी जासूसी गतिविधियों का बड़ा हिस्सा भारतीय सेना और रेलवे पर केंद्रित किया है। भारत में सक्रिय किए गए कई जासूसों को भारतीय सेना और रेलवे से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने अब इस गतिविधि के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव देखा है। वर्तमान में रेलवे नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने पर ज्यादा जोर दिखाई दे रहा है, जबकि सैन्य प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी जुटाने की गतिविधि अलग रणनीति का हिस्सा है।
अधिकारियों के मुताबिक, सेना के संबंध में ISI लंबे समय की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है। इसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी हासिल करना है, न कि तत्काल सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना। यह रणनीति पाकिस्तानी सेना को भारतीय सशस्त्र बलों के मुकाबले सूचना के स्तर पर बढ़त दिलाने के उद्देश्य से जुड़ी बताई गई है। जुटाई जा रही जानकारी में सैनिकों की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स से संबंधित सूचनाएं शामिल हैं।
वहीं रेलवे के मामले में खुफिया एजेंसियों के अनुसार प्राथमिक उद्देश्य आतंकी हमले करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे को भारत की लाइफलाइन माना जाता है और इसे बाधित करने से लोगों में बड़े स्तर पर डर और दहशत पैदा हो सकती है।
एक अन्य अधिकारी के अनुसार, कुछ लोगों को विशेष रूप से फर्जी कॉल करने के लिए भर्ती किया गया है। अधिकारी ने कहा कि किसी भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशन पर फर्जी सूचना या होक्स कॉल फैलने से अफरा-तफरी मच सकती है और स्थिति बड़ी भगदड़ में बदल सकती है, जिससे कई लोगों की जान जा सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक, ISI ने रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाने के निर्देश केवल इस्लामिस्ट संगठनों तक सीमित नहीं रखे हैं। कथित तौर पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कैडरों को भी इसी तरह के हमलों को अंजाम देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, BKI को पंजाब और हरियाणा के रेलवे स्टेशनों पर हमले का निर्देश दिया गया है, जबकि अन्य संगठनों के लिए दिल्ली, मुंबई और दूसरे बड़े शहरों पर ध्यान केंद्रित करने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ISI पिछले करीब एक साल से रेलवे को लेकर अपनी योजना पर काम कर रही है। बीते एक साल में रेलवे क्षेत्र की निगरानी में दस गुना बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की अपनी कोशिशों के तहत भर्ती भी बढ़ाई है। शुरुआती चरण में भर्ती किए गए लोगों ने रेलवे स्टेशनों का दौरा किया, महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें लीं, सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया और जानकारी अपने हैंडलर्स तक पहुंचाई। जांच में सामने आया है कि कुछ भर्ती किए गए लोग महज 3,000 रुपये में इन गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तैयार थे।
बाद में निगरानी की कोशिशों को और बढ़ाते हुए भर्ती किए गए लोगों को रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले क्लोज्ड-सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। इन कैमरों के जरिए स्टेशनों पर गतिविधियों की लाइव फीड हासिल करने की कोशिश की गई। हाल की जांच में सामने आया है कि कैमरे लगाने वाले लोगों को प्रत्येक कैमरे के लिए 5,000 से 10,000 रुपये तक का भुगतान किया गया।
इस बीच, इंटेलिजेंस ब्यूरो ने हाई अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने कहा है कि ISI समर्थित मॉड्यूल दिल्ली और आसपास के इलाकों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कई खतरे के आकलन किए जाने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकी समूह इस अवधि में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की सुरक्षा पर भी सुरक्षा तंत्र का विशेष ध्यान रहेगा।
Updated on:
14 Aug 2026 03:24 pm
Published on:
14 Aug 2026 03:24 pm
