
तेजस्वी यादव (फाइल फोटो- पत्रिका)
बिहार में सियासी (Bihar Election) तापमान गर्म हो रहा है। एनडीए (NDA) और इंडिया गठबंधन (INDIA) की पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर चुकी हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने आरा में नव संकल्प रैली को संबोधित किया। उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने मुजफ्फरपुर में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी (PM modi) लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं। जदयू (JDU) भी अपनी राजनीतिक चाल चल रही है। अब इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी चुस्ती दिखानी शुरू कर दी है। दो दिन बाद यानी 12 जून को इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक होगी। संभावना है कि इसमें सीएम फेस (CM Face) के नाम का ऐलान हो जाएगा।
12 जून को पटना में इंडिया गठबंधन की बैठक होगी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की अध्यक्षता में बैठक होगी। कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों के साथ-साथ सभी उप समिति में पदाधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में सीट बंटवारे में जिला स्तर पर समन्वय और कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चर्चा करेंगे।
एक तरफ एनडीएम में सीट बंटावारे को लेकर पहला खाका खींचा चला गया है। माना जा रहा है कि जदूय 102-103, भाजपा 101-102, एलजेपी(रा) 25-28, रालोम (4-5), हम (सेक्युलर) (6-70) सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन महागठबंधन में पेंच फसता हुआ दिख रहा है। कांग्रेस ने 70 सीटों की डिमांड रखी है। विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी 60 सीटों पर अपना दावा ठोक रहे हैं। वाम मोर्चा ने हर जिले में एक सीट की डिमांड रखी है। ऐसे में तेजस्वी यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती सहयोगी दलों की महत्वाकांक्षाओं को संतुलित करना होगा।
अप्रैल महीने में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर समन्वय समिति गठित की गई थी। समिति की पहली बैठक में तेजस्वी यादव को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी जिम्मेदारी सौंपी गई। इस बैठक के बाद तेजस्वी ने कहा था कि इंडिया गठबंधन मजबूती से विधानसभा चुनाव लड़ेगी। एकजुट होकर NDA का मुकाबला करेगी। इंडिया गठबंधन के विधायक जनता के बीच अधिक से अधिक समय बिताकर जंगलराज के नैरेटिव को धवस्त करने का काम करेंगे।
राजद नेता मनोज झा ने कहा कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा शुरुआत से बहुजन विरोधी और आरक्षण के विरुद्ध रहा है। राजद सुप्रीमो लालू यादव शुरू से कहते आ रहे हैं कि भाजपा की सोच मनुस्मृति और बंच ऑफ थॉट्स की रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की मंशा जाति जनगणना को उसके मूल उद्देश्य से भटकाने की है। राजद ने कहा कि हमें आशंका है कि केंद्र सरकार ओबीसी और ईबीसी के आंकड़े जारी नहीं करेगी, लेकिन हम उनकी मंशा सफल नहीं होने देंगे।
सीमांचल सहित बिहार के अन्य हिस्सों में मुस्लिम वोट का बिखराव रोकने को लेकर राष्ट्रीय जनता दल AIMIM को साधने में जुट गई है। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान इस बार राजद से गठबंधन को लेकर सर्वाधिक उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों के विरुद्ध एकजुटता आवश्यक है। इसके लिए पुरानी बातों को भूल जाना ही बेहतर होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में सीमांचल में AIMIM ने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में पार्टी के चार विधायक टूटकर राजद में जा मिले।
तेजस्वी यादव ने भी राहुल गांधी के मैच फिक्सिंग और चुनावी धांधले वाले बयान का समर्थन किया। उन्होंने साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय महागठबंधन सत्ता में आने की स्थिति में था, लेकिन चुनाव आयोग ने हमारे जीते हुए उम्मीदवारों को जबरन हरवाया। इस मामले को लेकर आयोग को तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई देनी पड़ी और यह भाजपा के इशारे पर काम करने का सबूत है। तेजस्वी के इस बयान पर जदयू ने पलटवार किया है। जदयू ने कहा कि तेजस्वी अभी से हार मिलने को लेकर हताश हैं।
Updated on:
10 Jun 2025 12:34 pm
Published on:
10 Jun 2025 12:30 pm
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