
दक्षिण-पश्चिम मानसून की सुस्त रफ्तार ने बढ़ा दी चिंता (AI जनरेटेड इमेज)
Climate Change Update: इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून की सुस्त रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र व तेलंगाना में अटका हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने सोमवार को उम्मीद जताई कि अगले 48 घंटे में मानसून के आगे बढ सकता है, लेकिन अनुकूल हवाओं की कमी के कारण अनिश्चितता बरकरार है। इस पर प्रशांत महासागर में शक्तिशाली अल नीनो के मजबूत संकेतों ने मौसम वैज्ञानिकों की चिन्ता और बढ़ा दी है।
नासा के सेंटिनल-6 माइकल फ्रेलिच उपग्रह ने भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह सामान्य से ऊंची पाई है। यह 1997 के रिकॉर्ड तोड़ 'गॉडजिला अल नीनो' जैसे हालात के संकेत माने जा रहे हैं। केल्विन वेव्स के कारण गर्म पानी दक्षिण अमरीका की ओर बढ़ रहा है, जिससे अल नीनो और मजबूत हो रहा है।
अल नीनो अक्सर भारत में कमजोर मानसून, कम बारिश और सूखा लेकर आता है। आइएमडी की ओर से इस साल पूरे मानसून सीजन को सामान्य से कम (लगभग 90 प्रतिशत) रहने का पूर्वानुमान पहले दिया जा चुका है। एनओएए ने भी अल नीनो को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। ऐसी स्थितियों के चलते भारत को कमजोर मानसून, सूखा और कृषि संकट की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
जून महीना अब तक 126 सालों में दूसरा सबसे सूखा साबित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 21 जून के बीच देशभर में बारिश सामान्य से 33-42 प्रतिशत कम दर्ज की गई। आईआईटी गांधीनगर के इंडिया ड्रॉट मॉनिटर के ताजा आंकड़ों में चेतावनी दी गई है कि 17 जून तक देश का 25 प्रतिशत हिस्सा सूखे की चपेट में है या शुरुआती सूखे के संकेत दिखा रहा है।
मानसून की देरी व बारिश की कमी के चलते इस बार जून में महाराष्ट्र सबसे बुरी स्थिति में है, जहां 61.7 प्रतिशत क्षेत्र सूखा या उससे भी बदतर है। सतारा, रत्नागिरी, सांगली, सोलापुर और पूरे कोंकण तट पर हालात गंभीर हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सोयाबीन, कपास और दालों की बुआई में देरी हो रही है। अगर अगले कुछ हफ्तों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो सूखा और बढ़ सकता है। पूर्वोत्तर में 56 प्रतिशत जमीन सूखी पड़ी है। मध्य भारत भी प्रभावित है।
मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्यप्रदेश में लू का प्रकोप जारी है। बांदा में 42.6 डिग्री सेल्सियस, प्रयागराज 42.5 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी में 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में अगले 4-5 दिनों तक हीटवेव की चेतावनी दी है।
पूर्वोत्तर (मेघालय, असम आदि) में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है। मॉसिनराम में एक दिन में 530 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं मुंबई, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार में मानसून आगे बढऩे की उम्मीद है, लेकिन कुल मिलाकर बारिश की कमी खरीफ फसलों की बुआई पर भारी पड़ रही है। अगले सात दिन के भीतर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा समेत कुछ राज्यों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है।
Updated on:
22 Jun 2026, 9:50 PM IST
Published on:
22 Jun 2026, 9:50 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.