
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सोमवार को पार्टी के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल होने के बाद अब पार्टी की एक अहम बैठक से तीन विधायक और एक विधान परिषद सदस्य (MLC) के गैरहाजिर रहने की चर्चा शुरू हो गई है।
उद्धव ठाकरे ने सोमवार को पार्टी के विधायकों और सांसदों की बैठक बुलाई थी। यह बैठक महाराष्ट्र विधानसभा के चल रहे मॉनसून सत्र के दौरान महायुति सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित की गई थी। बैठक पार्टी के 'शिवालय' कार्यालय में हुई।
शिवसेना (UBT) की इस बैठक में विधायक संजय देरकर, राहुल पाटिल और संजय पोतनीस शामिल नहीं हुए। इसके अलावा एमएलसी सुनील शिंदे भी बैठक में नहीं पहुंचे। इन नेताओं की गैरमौजूदगी के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इन सभी नेताओं ने पहले ही पार्टी को अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी। उन्होंने बैठक में शामिल न होने के लिए अलग-अलग कारण बताए।
राहुल पाटिल ने कहा कि वह विधान परिषद चुनाव की मतगणना प्रक्रिया में व्यस्त थे। साथ ही वह परभणी में उद्धव ठाकरे के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों में भी लगे हुए थे।
वहीं, सुनील शिंदे ने बताया कि वह अपने गृह नगर चिपलूण में थे और मुंबई लौट रहे थे। सुनील शिंदे वही नेता हैं जिन्होंने पहले आदित्य ठाकरे के लिए वर्ली विधानसभा सीट खाली की थी।
संजय पोतनीस ने बैठक में शामिल न होने का कारण नहीं बताया, लेकिन उन्होंने कहा कि वह शिवसेना (UBT) के साथ हैं।
दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय उद्धव ठाकरे पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे उसी समय करीब 500 मीटर दूर यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में शिवसेना (UBT) के छह सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो रहे थे। इन घटनाओं के बीच पार्टी में राजनीतिक संकट की चर्चा तेज हो गई है।
बैठक करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान पार्टी नेताओं ने विधानसभा के मॉनसून सत्र में किसानों, आम लोगों, मुंबई से जुड़े मुद्दों और विदर्भ तथा मराठवाड़ा में पानी की कमी जैसे विषयों को उठाने की रणनीति पर चर्चा की। शिवसेना (UBT) के MLC अंबादास दानवे ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। इसलिए विपक्ष की भूमिका को आक्रामक और संगठित तरीके से निभाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार को महा विकास अघाड़ी (MVA) की बैठक बुलाई गई है। साथ ही पार्टी अब भी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर अपना दावा बनाए हुए है।
Updated on:
22 Jun 2026 10:06 pm
Published on:
22 Jun 2026 09:52 pm
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