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महिलाओं के खिलाफ बढ़े अपराध, पुलिस में 10 में से एक ही महिला, इस राज्य में सबसे अच्छे हालात

Women in police in India is very less: देश में खासकर महानगरों और शहरों में महिलाओं के खिलाफ लगातार अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2021 की तुलना में महिला के खिलाफ अपराधों में 4 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि अपराध के मुकाबले महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी तो हुई लेकिन अभी इस दिशा में मीलों चलना बाकी है।

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Crime Against Women Rising in India: गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, महानगरों और कई राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं लेकिन देश के ज्यादातर हिस्सों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बेहद कम है। आंकड़ों से पता चलता है कि 11.75%, या 10 पुलिस कर्मियों में से सिर्फ एक ही महिला पुलिस है। मंत्रालय ने 2013 से लेकर अबतक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कम से कम पांच बार सलाह जारी कर कहा है कि पुलिस बलों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम से कम 33% तक हो। गृह मंत्रालय ने 2022 के आंकड़े मंगलवार को लोकसभा में पेश किए। आंकड़े बताते हैं कि लगभग सभी राज्यों में पुलिस में महिलाओं की भागीदारी अनुशंसित प्रतिशत से कम हैं। 1 जनवरी 2022 तक देश में लगभग 21 लाख पुलिस कर्मियों में से सिर्फ 2.46 लाख महिलाएं ही कार्यरत थीं।

राजधानी दिल्ली में महिला पुलिस बल काफ कम

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में कहा गया है कि नई दिल्ली में 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 14,000 से अधिक मामले दर्ज हुए लेकिन राज्य में 92 हजार पुलिस बल में महिलाओं की संख्या सिर्फ 10,228 यानी सिर्फ 11.12 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में 3 लाख पुलिस कर्मियों की स्वीकृत संख्या में भी 11.14 प्रतिशत यानी 33,425 महिलाएं हैं।

महाराष्ट्र में सबसे अच्छे हैं हालात

महाराष्ट्र में पुलिस बल में महिलाओं का प्रतिशत दूसरों राज्यों की तुलना में थोड़ा बेहतर है लेकिन यह भी अनुशंसित आंकड़ों के आधे से भी कम है। राज्य में 1.85 लाख पुलिसकर्मियों की स्वीकृत संख्या में से सिर्फ 16.45 प्रतिशत यानी 30,432 महिलाएं हैं।

पिछले 10 वर्षों में महिला पुलिस बल में वृद्धि

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पुलिस बलों में महिलाओं की संख्या भले ही कम हो लेकिन नौ वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह काम प्रगति पर है। 2013 से 2019 तक पुलिस बल में महिलाओं के रोजगार में वृद्धि नगण्य थी लेकिन हम दोहरे अंक में महिलाओं को रोजगार देने में कामयाब रहे और अब यह आगे भी जारी रहेगा। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2013 में महिला पुलिसकर्मियों का प्रतिशत सिर्फ 5.87 था और कुल संख्या 97,518 थी. वहीं 2022 में यह प्रतिशत लगभग दोगुना होकर 11.75 हो गया और संख्या बढ़कर 2,46,103 हो गई।

महिला थानों की संख्या में हुई है बढ़ोतरी

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि देश में 2014 में 518 महिला पुलिस स्टेशन था और 2022 में यह संख्या बढ़कर 745 हो गई है। गृहमंत्रालय द्वारा 2022 में जारी आखिरी सलाह में कहा गया था कि सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों से अनुरोध है कि वे रिक्त पदों को परिवर्तित करके महिला कांस्टेबल/उप-निरीक्षकों के अतिरिक्त पद सृजित करें।

हर घंटे में 51 एफआईआर दर्ज

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,45,256 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2021 की तुलना में महिला के खिलाफ अपराधों में 4 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में महिलाओं के खिलाफफ 4,28,278 मामले दर्ज किए गए थे। इस रिपोर्ट के मुताबिक हर घंटे में 51 एफआईआर दर्ज की जाती है।



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