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भारत ने स्वदेशी हेलीकॉप्टर से किया ‘हेलिना मिसाइल’ का सफल परीक्षण, जानिए इसकी खासियत

भारत ने एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना का सफल परीक्षण किया। इसके साथ ही भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा हो गया। देश में विकसित हेलीकॉप्टर से एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल 'हेलिना' का ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। यह मिसाइल किसी भी परिस्थिति में दुश्मन को सबक सिखाने में कारगार है।

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India Successfully Test Fired Helina Missile From Indigenous Helicopter

India Successfully Test Fired Helina Missile From Indigenous Helicopter

भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। भारत ने एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘हेलिना’ (Anti Tank Guided Missile Helina) का स्वदेशी हेलीकॉप्टर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। राजस्थान के जैसलमेर के पोकरण फायरिंग रेंज में हुए इस परीक्षण में ‘हेलिना’ ने सिमुलेटेड टैंक को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस मिसाइल की रेंज 7 किलोमीटर तक है, जो अपने साथ 8 किलो विस्फोटक लेकर उड़ने में सक्षम है। इसके साथ ही ये एक बेहतरीन मारक मिसाइल बनती है। बताया जा रहा है कि, जल्द ही हेलिकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘हेलिना’ इंडियन आर्मी और इंडियन एयरफोर्स को मिलने की उम्मीद है।


हेलिना को स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर से लॉन्च किया गया। इस दौरान रक्षा अनुसंधान और विकास (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों के साथ भारतीय सेना (Indian Army) और भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) की संयुक्त टीम मौजूद रही।

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ये है हेलिना की खासियत

- इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत लॉन्च होने के बाद टारगेट बदल सकने की है
- मिसाइल को एक इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर से निर्देशित किया जाता है, जो लॉन्च से पहले लॉक ऑन मोड में काम करता है।
- ‘हेलिना’ दुनिया की सबसे उन्नत एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों में से एक है।
- एक ‘हेलिना’ मिसाइल का वजन 45 किलोग्राम के करीब है, इसकी लंबाई 6 फीट और व्यास 7.9 इंच है।
- हेलिना सिस्टम में दिन और रात हर मौसम में हिट करने की क्षमता है
- यह पारंपरिक और विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच के साथ दुश्मन के टैंकों को मार गिरा सकती है
- मिसाइल सीधे हिट मोड के साथ-साथ टॉप अटैक मोड दोनों में लक्ष्य को भेदने में सक्षम है


इसे ‘ध्रुवास्त्र हेलिना ‘ नाम दिया गया

हेलिना मिसाइल को ध्रुव हेलिकॉप्टर, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर समेत अन्य लड़ाकू हेलिकॉप्टरों में तैनात किया जाएगा। हेलीकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली नाग मिसाइल की रेंज बढ़ाकर इसे ‘ध्रुवास्त्र हेलिना ‘ नाम दिया गया है।
इसे एचएएल के रूद्र और लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टरों पर ट्विन-ट्यूब स्टब विंग-माउंटेड लॉन्चर से लॉन्च किया जाता है।

बता दें कि इससे पहले 13 जुलाई, 2015 को एचएएल ने ‘हेलिना’ मिसाइल के 3 परीक्षण जैसलमेर की चांधन फायरिंग रेंज में रूद्र हेलिकॉप्टर से किए थे।

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