
India US Trade Deal Latest News : भारत ने अमेरिका को दिया साफ संदेश! बेहतर टैरिफ मिलते ही ट्रेड डील होगी फाइनल (फोटो सोर्स: ANI)
India US Trade Deal Latest News: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील को लेकर अब तस्वीर कुछ हद तक साफ होती दिख रही है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि समझौते की अंतिम घोषणा किसी तय तारीख से ज्यादा इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले कितना बेहतर टैरिफ लाभ मिलता है। यानी नई दिल्ली जल्दबाजी में समझौते पर मुहर लगाने के बजाय भारतीय कारोबारियों के हित में बेहतर शर्तों का इंतजार कर रही है।
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने में सबसे बड़ी भूमिका शुल्क व्यवस्था की होगी। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब उसके उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिद्वंद्वी देशों की तुलना में पर्याप्त लाभ मिले। दोनों देशों ने 2 फरवरी को अंतरिम समझौते का ढांचा तैयार किया था, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद पहले प्रस्तावित तरजीही टैरिफ (Preferential Tariff) की कानूनी स्थिति बदल गई।
व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से लगाए जा रहे और प्रस्तावित शुल्क भारतीय निर्यातकों के लिए चिंता का विषय हैं। जुलाई में कुछ श्रम-प्रधान उत्पादों पर जबरन श्रम के आरोपों से जुड़े प्रावधान के तहत 10 प्रतिशत शुल्क लगाया गया। इसके अलावा अमेरिकी प्रशासन ने औद्योगिक अतिरिक्त क्षमता को लेकर एक और Section 301 जांच शुरू की है। ऐसे में भारत चाहता है कि किसी भी समझौते में भविष्य की अनिश्चितताओं को भी पर्याप्त रूप से संबोधित किया जाए।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में व्यापार कूटनीति को तेज किया है। मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, EFTA, ओमान और ब्रिटेन के साथ समझौते लागू हो चुके हैं। न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौतों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य केवल समझौते करना नहीं, बल्कि उनका अधिकतम इस्तेमाल कर भारतीय कंपनियों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत जगह दिलाना है।
भारत की व्यापार वार्ता अमेरिका तक सीमित नहीं है। कनाडा, मैक्सिको, चिली, मर्कोसुर, SACU, GCC और इजरायल के साथ भी बातचीत जारी है। वहीं ASEAN, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ मौजूदा समझौतों की समीक्षा और विस्तार पर काम चल रहा है। सरकार का अनुमान है कि इन पहलों से भारतीय निर्यातकों को दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत व्यापार तक अधिक अनुकूल शुल्क दरों पर पहुंच मिल सकती है।
खास बात यह है कि चिली के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) भी अंतिम चरण के करीब बताया जा रहा है। महत्वपूर्ण खनिजों से समृद्ध चिली के साथ समझौता भारत के लिए व्यापार के साथ-साथ रणनीतिक आपूर्ति सुरक्षा के लिहाज से भी अहम साबित हो सकता है।
Updated on:
4 Sep 2026, 7:56 AM IST
Published on:
4 Sep 2026, 7:39 AM IST
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