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पीएम मोदी का बड़ा कदम, अमेरिका की परवाह किए बिना वेनेजुएला से मिला लिया हाथ,जानिए इसके मायने

Bilateral Cooperation:भारत और वेनेजुएला के बीच नई ऊर्जा साझेदारी से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। पीएम मोदी और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की बैठक में तेल, व्यापार और फार्मा समेत कई बड़े क्षेत्रों पर ऐतिहासिक सहमति बनी है।

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भारत

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M .I. Zahir

Jun 04, 2026

PM Modi and Venezuela Acting Prez Delcy Rodriguez meeting

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज । (फोटो: X/ @DDNewslive)

Bilateral Cooperation : अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला के प्रति रवैये की परवाह किए बिना भारत ने अपना बोल्ड स्टैंड लिया है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच हुई महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर गहन चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों की यह जुगलबंदी वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।

तेल आपूर्ति में वेनेजुएला का बड़ा उछाल

इस चर्चा का सबसे मुख्य केंद्र बिंदु भारत की ऊर्जा सुरक्षा रहा। राजनयिक गलियारों से आई जानकारी के मुताबिक, वेनेजुएला इस महीने भारत के लिए कच्चे तेल का 'तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता' बन कर उभरा है। भारतीय रिफाइनरियों के लिए वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल हमेशा से बेहद अनुकूल रहा है। अब दोनों देश इस तेल साझेदारी को केवल खरीदार और विक्रेता के रिश्ते से आगे बढ़ा कर एक लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप में बदलने की तैयारी कर रहे हैं।

सिर्फ तेल नहीं, इन सेक्टर्स में भी रहेगी जुगलबंदी

भारतीय कंपनियों के लिए वेनेजुएला में सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि कई अन्य सेक्टर्स में भी बड़े मौके बन रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वेनेजुएला एक बेहद संसाधन संपन्न देश है और अब वह विकास की पटरी पर लौट रहा है। आगामी समय में दोनों देश इन क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे और भारतीय दवाओं और जेनेरिक मेडिसिन के लिए वेनेजुएला एक बड़ा बाजार बनेगा। भारतीय ऑटोमोबाइल और खेती की मशीनों की मांग वहां तेजी से बढ़ रही है। दोनों देशों के विशेषज्ञ पशुपालन और खनन क्षेत्रों में नई तकनीकों का आदान-प्रदान करेंगे।

सुख-दुख का पुराना साथी है भारत

इस मुलाकात के दौरान दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच गजब का सौहार्द देखने को मिला। वेनेजुएला की तरफ से यह खुलकर स्वीकार किया गया कि भारत एक ऐसा सच्चा दोस्त है, जो अच्छे और बुरे दोनों ही दौर में वेनेजुएला के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। वेनेजुएला अब भारत को अपने सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में देखता है, जो कई सालों तक उसके तेल का एक बड़ा खरीदार बना रहेगा।

ग्लोबल साउथ की बुलंद होगी आवाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज ने इस बातचीत में सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील और गरीब देशों) के हितों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर इस बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की गई है।

भारत और वेनेजुएला की नजदीकी वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम

आने वाले हफ्तों में भारतीय तेल कंपनियों और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों का एक विशेष दल वेनेजुएला का दौरा कर सकता है, ताकि कच्चे तेल के नए करारों और भुगतान प्रणालियों को अंतिम रूप दिया जा सके। भारत और वेनेजुएला का यह बढ़ता करीब आना वैश्विक कूटनीति के लिहाज से काफी अहम है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों और ढील के बीच भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति पर आगे बढ़ रहा है।