
कर्नाटक कांग्रेस में बवाल(फोटो-ANI)
Congress: सिद्दारमैया के तीन सालों के कार्यकाल के बाद एक दिन पहले ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सीएम पद की शपथ ली है। सिद्दारमैया के पद छोड़ने के बाद डीके शिवकुमार को यह मौका मिला है। सीएम पद के शपथ लेने बाद नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा भी कर दी गई। बीके हरिप्रसाद को नया अध्यक्ष बनाया गया। साथ ही एमएलसी चुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया गया। बीके हरिप्रसाद का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। अब इसी ऐलान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बीके हरिप्रसाद के अलावा बाकि नामों को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बेंगलुरु पश्चिम से पार्टी के उपाध्यक्ष कुशल अभय गौड़ा ने कहा कि कल एक लिस्ट जारी की गई थी। हमने उसमें नाम देखे हैं। हमें उसमें बी.के. हरिप्रसाद का नाम होने से कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि वह कांग्रेस पार्टी के एक मजबूत कार्यकर्ता हैं। लेकिन हमने बाकी तीन लोगों के नाम तो सुने ही नहीं हैं। AICC ऐसा क्यों कर रही है?आगे उन्होंने जोड़ा कि हम उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जब कार्यकर्ता सड़कों पर होते हैं, तो हमने उन्हें कभी नहीं देखा। लेकिनअब उन्हें पार्टी ने एमएलसी का टिकट दे दिया है। उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया है ? हम गुजारिश कर रहे हैं कि पार्टी कार्यकर्ताओं को MLC बनाया जाए।
कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव पिछले दिन देखने को मिला। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद डीके शिवकुमार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद को राज्य में अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इस संबंध में पार्टी की ओर से लेटर भी जारी किया गया था।
डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ जी. परमेश्वर ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा 12 अन्य नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे का नाम भी शामिल हैं।
Updated on:
04 Jun 2026 03:56 pm
Published on:
04 Jun 2026 03:56 pm
