27 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Indian Railways: मुआवजे के लिए घर बैठे करें क्लेम… रेलवे में स्टार्टअप को सीधा मौका; रेल टेक पोर्टल और ई-आरसीटी सिस्टम लॉन्च

Indian Railways: रेलवे से जुड़े यात्रियों, दुर्घटना पीडि़तों और स्टार्टअप्स के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा सुधार लागू किया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 52 सप्ताह में 52 सुधार पहल के तहत रेलटेक पोर्टल और रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (आरसीटी) की डिजिटल प्रणाली ई-आरसीटी सिस्टम लॉन्च की। जहां रेलटेक पोर्टल से स्टार्टअप, उद्योग और इनोवेटर सीधे रेलवे को अपने तकनीकी समाधान सुझा सकेंगे।

less than 1 minute read
Google source verification

भारत

image

Saurabh Mall

Feb 27, 2026

INDIAN RAILWAY

भारतीय रेल। फोटो (सर्कल) में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव। (इमेज सोर्स: इंडियन रेलवे एक्स)

Indian Railways: रेलवे से जुड़े यात्रियों, दुर्घटना पीड़ितों और स्टार्टअप्स के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा डिजिटल सुधार लागू किया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘52 सप्ताह में 52 सुधार’ पहल के तहत रेलटेक पोर्टल और रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (आरसीटी) की डिजिटल प्रणाली ई-आरसीटी लॉन्च की। अब आरसीटी में क्लेम सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे ऑनलाइन फाइल किए जा सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति रेलवे दुर्घटना या अप्रिय घटना से जुड़े मुआवजे का दावा घर बैठे ऑनलाइन दाखिल कर सकेगा, जिसके लिए ट्रिब्यूनल कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। ई-आरसीटी के जरिए 24 घंटे ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई, रियल-टाइम केस ट्रैकिंग और आदेशों की डिजिटल कॉपी उपलब्ध होगी। इससे समय की बचत और पारदर्शिता बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि अगले 12 महीनों में सभी बेंच पूरी तरह डिजिटल कर दी जाएंगी, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

समस्या समाधान के लिए कोई भी दे सकेगा सुझाव

नई रेल टेक पॉलिसी के तहत स्टार्टअप्स, उद्योग, शोध संस्थान और व्यक्तिगत नवोन्मेषक रेलटेक पोर्टल के माध्यम से सीधे अपने तकनीकी समाधान रेलवे को भेज सकेंगे। उद्देश्य रेलवे में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग बढ़ाना है। इससे संचालन, सुरक्षा, ट्रैक निगरानी और यात्री सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। प्रोटोटाइप और ट्रायल के लिए अनुदान राशि बढ़ाई गई है तथा सफल प्रोजेक्ट्स के विकास खर्च का 50 फीसदी तक सहयोग दिया जाएगा।

इन नवाचारों का जिक्र

-एआइ आधारित हाथी घुसपैठ पहचान प्रणाली
-कोच में एआइ आधारित फायर डिटेक्शन

-ड्रोन से टूटी रेल की पहचान
-फॉग में बाधा पहचान प्रणाली

-सोलर पैनल युक्त कोच
-एआइ आधारित पेंशन व विवाद निपटान प्रणाली