8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महंगाई फिर देगी झटका! आलू-प्याज, टमाटर की कीमतें फिर बढ़ने की आशंका

आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लग सकता है। चिंता की बात यह है कि अनाज, दलहन-तिलहन की पैदावार घट सकती है। इसके अलावा चीनी उत्पादन भी 4 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है।

2 min read
Google source verification
potatoes_onions_and_tomatoes0.jpg

लोगों पर आगे भी महंगाई की मार पड़ सकती है। पिछले दो सप्ताह में आलू, प्याज, टमाटर जैसी प्रमुख सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका असर खाद्य महंगाई दर पर दिख सकता है। उपभोक्ता मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, खुदरा बाजार में आलू के दाम में सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है और यह फिलहाल 20 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं प्याज की रिटेल कीमत में 20 फीसदी की बढ़त हुई है और यह 30-35 रुपए प्रति किलोग्राम है। टमाटर की कीमत सालाना आधार पर 50 प्रतिशत तक बढ़ी है।

इन सब्जियों की कीमतों में हो सकता है इजाफा


रिपोर्ट के मुताबिक अगले कुछ महीनों में टमाटर और आलू जैसी सब्जियों की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है। जबकि पिछले साल इस अवधि दौरान टमाटर और आलू के दाम में क्रमश: 36 प्रतिशत और 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि जुलाई 2023 में मानसून की खराब स्थिति के कारण टमाटर की कीमतों में 202 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई थी और देश के कई हिस्सों में यह 200 रुपए प्रति किलो तक बिका था। वहीं सीएमआइई के आंकड़ों के मुताबिक, देश में अनाज उत्पादन 3.2 प्रतिशत घटकर 31.86 करोड़ टन रह सकता है।

गेहूं का उत्पादन बढऩे की उम्मीद

सीएमआइई के आंकड़ों के मुताबिक, कम पैदावार और अनियमित बारिश के कारण खरीफ और रबी में उत्पादन एक साल पहले की तुलना में कम होने का अनुमान है। पिछले साल 5.6 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इससे खरीफ की फसलों की बुवाई का रकबा कम हो गया। रबी में भी उत्पादन बाधित हो सकता है, क्योंकि चावल और सोयाबीन जैसी फसलों की देर से कटाई के कारण बुवाई में देरी हुई है। हालांति गेहूं का उत्पादन पिछले साल की तुलना में थोड़ा अधिक हो सकता है।

चीनी का उत्पादन 4 फीसदी कम रहने का अनुमान

देश में चीनी का उत्पादन 2023-24 सीजन (अक्टूबर-सितंबर) में करीब 4 फीसदी घटकर 3.16 करोड़ टन रहने का अनुमान है। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ ने पहला उत्पादन अनुमान जारी करते हुए कहा, 3.16 करोड़ टन के अनुमानित चीनी उत्पादन और 57 लाख टन के शुरुआती भंडार के साथ चीनी की उपलब्धता 3.73 करोड़ टन होने की संभावना है। यह अनुमानित घरेलू खपत 2.9 करोड़ टन से अधिक है। 2023-24 सीजन में यूपी में चीनी उत्पादन 1.17 करोड़ टन से अधिक होने का अनुमान है। महाराष्ट्र में 96 लाख टन और कर्नाटक में 47 लाख टन उत्पादन का अनुमान है।

इतनी रही कीमतें

अवधि आलू प्याज टमाटर
जनवरी, 2023 15 25 20
अक्टूबर, 2023 20 40 30
जनवरी, 2024 20 30 30-40
(प्रति किलोग्राम औसत कीमतें रुपए में, स्रोत: उपभोक्ता मंत्रालय)

इतना रह सकता है उत्पादन

2.2 फीसीदी घटकर 13.27 करोड़ टन रह सकता चावल का उत्पादन
12.9 प्रतिशत घटकर 4.99 करोड़ टन रहने की उम्मीद मोटे अनाज का उत्पादन, मक्का और बाजरा के उत्पादन में गिरावट के कारण
7.5 प्रतिशत घटकर 2.41 करोड़ टन रह सकता है दाल का उत्पादन
1.1 प्रतिशत बढक़र 11.2 करोड़ टन रहने की उम्मीद गेहूं का उत्पादन

यह भी पढ़ें-Budget 2024: सरकार का रोटी-मकान सहित इन मुद्दों पर होगा फोकस, आम आदमी हैं बड़ी उम्मीदें

यह भी पढ़ें- ये कोई प्लेटफॉर्म नहीं है कोर्ट, ट्रेन आई और चढ़ गए... सीजेआई ने वकील को लगाई फटकारा