30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नेतन्याहू का दावा, ‘ट्रंप को मारना चाहता था ईरान’,सैन्य संघर्ष में सैकड़ों की गई जान

ईरान-इजरायल सैन्य संघर्ष तेज होता जा रहा है। अभी तक सैकड़ों लोग हताहत हो चुके हैं। दोनों देशों के नेता भीषण जंग की बात कह रहे हैं। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने का प्लान बनाया था।

2 min read
Google source verification
trump

trump

Iran Israel Conflict: ईरान-इजरायल के बीच सैन्य संघर्ष विकराल रूप लेता जा रहा है। इजरायल (Israel) ने ईरान (Iran) के 170 से ज्यादा जगहों और 720 सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। ईरान के 20 सैन्य अधिकारी और कई सीनियर वैज्ञानिक मारे गए। करीब 400 आम नागरिकों की मौत हुई है। 250 से अधिक ईरानी नागरिक घायल हैं, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में तेल अवीव (Tel Aviv), येरुशलम पर हमला किया। ईरान ने दावा किया कि उसने इजरायली रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाया। ईरानी हमले में 14 इजरायली नागरिक मारे गए हैं। 390 लोग घायल हुए हैं।

मध्यस्थता की पेशकश खारिज

ईरान ने ओमान (Oman) और कतर की ओर से पेश किए गए मध्यस्थता के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दोनों देश के नेता जंग की बात कर रहे हैं। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Netanyahu) ने लगातार हमला करने की कमस खाई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा जवाब देने का वादा किया है।

यह भी पढ़ें: इजरायल कर देता ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या! ट्रंप की चेतावनी के बाद बदला अपना प्लान?

अमेरिकी दूतावास ने जारी किया सिक्योरिटी अलर्ट

इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने कहा कि इराक में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को यह सलाह दी जाती है कि वह विदेशियों द्वारा अक्सर देखे जाने वाले स्थानों और किसी भी बड़ी सभा या भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचे। दूतावास ने कहा कि इराक में विदेशी आतंकवादी संगठन हमला कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला: रक्षा मंत्रालय, न्यूक्लियर साइट और गैस फील्ड को बनाया निशाना, ईरान ने दागीं 50 बैलिस्टिक मिसाइल

राष्ट्रपति ट्रंप को मारना चाहता है ईरान: नेतन्याहू

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करना चाहता है। उन्होंने कहा कि ईरान ट्रंप को अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए थ्रेट के रूप में देखता है। ट्रंप ने ईरान के साथ कभी भी नरमी नहीं बरती। उन्होंने वही किया जो सही था। ईरान को परमाणु हथियार बनाने से दूर रखा। यही कारण है कि ईरान उन्हें अपना दुश्मन नंबर एक मानता है। नेतन्याहू ने कहा कि एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस के जरिए ईरान ने ट्रंप को दो बार मारने का प्लान बनाया, लेकिन उनका प्लान फेल हो गया।

नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप ईरान के साथ फर्जी समझौते से बाहर निकल आए थे। उन्होंने IRGC प्रमुख कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। उन्होंने बहुत स्पष्ट कर दिया था कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हो। वह बेहद प्रभारी रहे हैं। इसलिए ईरान के लिए वह दुश्मन नंबर वन हैं।

बातचीत से पहले कभी-कभी लड़ना पड़ता है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इजरायल और ईरान किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कभी-कभी देशों को पहले लड़ना पड़ता है। हम इजरायल का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ईरान को न्यूक्लियर डील पर समझौता कर लेना चाहिए।

Story Loader