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Iran Israel US War: भारत के तेल जहाजों पर ईरान का बड़ा दावा-‘हम नहीं रोक रहे, अमेरिका से पूछिए’

Iran statement on Indian ships:ईरान-इजराइल तनाव के बीच ईरान ने भारतीय तेल जहाजों को लेकर बड़ा दावा किया है। उप-विदेश मंत्री सईद खतीबजादा ने कहा कि ईरान 'होर्मुज' में भारतीय जहाजों को नहीं रोक रहा है, बल्कि भारत को अमेरिका की हिंद महासागर में गतिविधियों पर सवाल उठाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें।

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Iranian Deputy Foreign Minister Saeed Khatibzadeh

Iranian Deputy Foreign Minister Saeed Khatibzadeh (Photo/ANI)

Iran Israel US military conflict: ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ता तनाव अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इन परिस्थितियों के बीच, जहां अमेरिका ने भारत को रूसी तेल की खरीद पर 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, वहीं ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह (Saeed Khatibzadeh) ने 'रायसीना डायलॉग' (Raisina Dialogue) में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।

'ईरान एक जिम्मेदार शक्ति है'

सईद खतीबजादा ने कहा, “ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिरता का एक आधार स्तंभ है। यदि हम इसे कभी बंद करेंगे, तो बाकायदा इसकी घोषणा करेंगे। फिलहाल हमने इसे बंद नहीं किया है; हम एक जिम्मेदार शक्ति हैं।” इस दौरान उन्होंने अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत और ईरान की मानसिकता 'शतरंज' (धैर्य और रणनीति) वाली है, जो अमेरिका की 'अमेरिकी फुटबॉल' (आक्रामकता और बल प्रयोग) वाली मानसिकता के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में कूटनीति ही एकमात्र विकल्प है।

भारतीय जहाजों पर स्पष्टीकरण

उप-विदेश मंत्री ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया, 'ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों को नहीं रोक रहा है। बल्कि भारत को अमेरिका से यह पूछना चाहिए कि वह हिंद महासागर में ईरानी जहाजों को निशाना क्यों बना रहा है? असली खतरा वे (अमेरिका) हैं और सवाल भी उन्हीं से पूछा जाना चाहिए।'

'अमेरिकी नीति राजनयिक मानदंडों के लिए खतरा'

ईरान के उप-विदेश मंत्री ने रायसीना डायलॉग 2026 के इतर बात करते हुए कहा कि उनका देश वर्तमान में पूर्ण युद्ध (total war) की स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इस समय ईरान के लिए प्राथमिकता हमलावर के खिलाफ अंतिम प्रतिरोध (ultimate resistance) दिखाना है। हम पर हमला हो रहा है, अमेरिकियों और इजरायलियों द्वारा आक्रमण किया जा रहा है। वे ईरान को अधिकतम नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। जिस समय हम बात कर रहे हैं, मेरे साथी नागरिक अमेरिकियों और इजराइलियों द्वारा की जा रही 'कार्पेट-बमिंग' (अंधाधुंध बमबारी) के शिकार हो रहे हैं। तेहरान पर लगातार हमले हो रहे हैं, और हमारे पास अपनी आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक डटे रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।"

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि एक राष्ट्राध्यक्ष की कथित हत्या सहित अमेरिकी कार्रवाइयां वैश्विक राजनयिक मानदंडों के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा, "अमेरिकियों ने दूसरे देश के प्रमुख की हत्या की है। यदि यह नया मानदंड (new norm) बन गया, तो पृथ्वी का कोई भी देश वास्तव में दूसरे देशों के साथ सामान्य राजनयिक संबंध नहीं रख पाएगा।'' इस दौरान उन्होंने हिंद महासागर में एक ईरानी जहाज को डुबोए जाने का भी जिक्र किया और इस घटना की तुलना नाजी जर्मनी की हरकतों से की।