10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इजरायल मानवता के लिए अभिशाप, ख्वाजा आसिफ का विवादित बयान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया

इजरायल-पाकिस्तान के बीच तीखी बयानबाजी से विवाद बढ़ा। ख्वाजा आसिफ के बयान पर गिदोन सार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई है

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ankit Sai

Apr 10, 2026

Khawaja Asif Israel cancer remark, Benjamin Netanyahu response Pakistan, Pakistan Israel tensions 2026, US Iran ceasefire Pakistan mediation,

ख्वाजा आसिफ के बयान पर नेतन्याहू ने किया पलटवार (Photo-IANS)

तेहरान से आई खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। वैश्विक मीडिया संस्थानों ने दावा किया था कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान जाकर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं। लेकिन शुक्रवार को ईरान के सरकारी मीडिया ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरान ने साफ कहा है कि न तो कोई प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान गया है और न ही फिलहाल अमेरिका के साथ कोई वार्ता हो रही है।

ईरानी अधिकारियों का स्पष्ट इनकार

ईरान के सरकारी चैनल ने बताया कि विदेश मंत्री अब्बास अरघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबफ देश से बाहर नहीं गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेता तेहरान में मौजूद हैं और अपने आधिकारिक कार्यों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। एक जानकार सूत्र ने कहा, “कुछ मीडिया संस्थानों में यह खबर कि ईरानी वार्ता टीम पाकिस्तान पहुंच गई है, पूरी तरह गलत है।” इस बयान ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है जो पिछले कुछ दिनों से चल रही थीं।

वार्ता पर रोक, लेबनान बना कारण

ईरान की स्थिति स्पष्ट करते हुए तसनीम के सूत्र ने कहा, “जब तक अमेरिका लेबनान में संघर्षविराम को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता और हमले जारी रहते हैं, तब तक बातचीत स्थगित रहेगी।” इस बयान से साफ है कि ईरान मौजूदा क्षेत्रीय हालात को देखते हुए किसी भी प्रकार की शांति वार्ता में शामिल होने के मूड में नहीं है। लेबनान में सीजफायर लागू होने तक अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान अपनी कूटनीतिक रणनीति को क्षेत्रीय घटनाओं के आधार पर तय कर रहा है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और बढ़ती अनिश्चितता

इन सभी बयानों के बीच पाकिस्तान की ओर से एक अलग संकेत मिला है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता के लिए प्रतिनिधियों और पत्रकारों के वीजा नियमों में ढील दी गई है। हालांकि ईरान के इनकार के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि यह बैठक वास्तव में होगी या नहीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर असमंजस बना हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक लेबनान में तनाव कम नहीं होता, तब तक ईरान और अमेरिका के बीच किसी ठोस बातचीत की संभावना बेहद कम है।