
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख एस सोमनाथ को कैंसर का पता उस दिन चला, जिस दिन भारत का आदित्य-एल1 मिशन अंतरिक्ष में लॉन्च हुआ था। एक मीडिया से बाचीत में सोमनाथ ने इस बात की पुष्टि की कि स्कैन में एक में वृद्धि देखी गई थी। सोमनाथ ने कहा, 'चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च के दौरान कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं। हालांकि, उस समय यह मेरे लिए स्पष्ट नहीं था, मुझे इसके बारे में स्पष्ट समझ नहीं थी।' उन्होंने कहा कि मुझे उसी दिन अपनी बीमारी का पता चला था, जिस दिन आदित्य-एल1 मिशन लॉन्च किया गया था। मुझे कैंसर है इस बात का पता चला, यह न केवल मेरे लिए बल्कि मेरे परिवार और सहकर्मियों के लिए भी एक झटका था। ये सबलोग मेरी इस चुनौतीपूर्ण समय में मेरे साथ थे।
चेन्नई में हुआ इलाज
इस अप्रत्याशित बीमारी का पता चलने के बाद उन्हें आगे के स्कैन के लिए चेन्नई ले जाया। वहां स्कैन से पता चला कि उन्हें यह वंशानुगत बीमारी के तौर पर मिली। कुछ ही दिनों में यह पुष्टि हो गई कि उन्हें अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती का भी सामना करना पड़ा। इसके बाद एस. सोमनाथ का ऑपरेशन हुआ और उसके बाद कीमोथेरेपी हुई।
'कैंसर का पता चलना परिवार और सहकर्मियों के लिए झटका था'
अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, '"यह परिवार के लिए एक झटका था। लेकिन अब मैं कैंसर और इसके इलाज को एक समाधान मानता हूं।' कैंसर के खिलाफ अपनी लड़ाई की प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने स्वीकार किया और कहा, "मैं उस समय पूर्ण इलाज के बारे में अनिश्चित था, मैं इस प्रक्रिया से गुजर रहा था।" यह उनकी बीमारी और इसके उपचार के प्रति उनका व्यावहारिक दृष्टिकोण चरित्र की उल्लेखनीय ताकत और अटूट भावना को दर्शाता है।
'मैं अब पूरी तरह से ठीक हो गया हूं'
यह सच है कि उनकी रिकवरी किसी चमत्कार से कम नहीं है। अस्पताल में केवल चार दिन बिताने के बाद उन्होंने पांचवें दिन से बिना किसी दर्द के काम करते हुए इसरो में अपनी ड्यूटी फिर से शुरू कर दी। सोमनाथ ने कहा, 'मैं नियमित जांच और स्कैन से गुजरूंगा लेकिन अब मैं पूरी तरह से ठीक हो गया हूं और अपनी ड्यूटी फिर से शुरू कर दी है।'
Published on:
04 Mar 2024 04:57 pm
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