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बलात्कार के आरोपी को अग्रिम जमानत से पहले पीड़िता को सुनना जरूरी, Supreme Court इस प्रश्न के कानूनी परीक्षण पर सहमत

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट इस प्रश्न के कानूनी परीक्षण पर सहमत हो गया है कि क्या रेप के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से पहले पीड़िता का पक्ष सुनना जरूरी है?
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नई दिल्ली

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Swatantra Mishra

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Updated: 3 Dec 2024, 12:17 PM IST

Supreme Court

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Supreme Court : क्या बलात्कार के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत देने से पहले शिकायतकर्ता या पीड़िता को नोटिस जारी कर सुनना जरूरी है? सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इस प्रश्न के कानूनी परीक्षण पर सहमत हो गया। यह मुद्दा केरल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपील में उठा जिसमें आरोपी को दी गई अग्रिम जमानत इसलिए रद्द कर दी गई कि पीड़िता का पक्ष सुने बगैर ही ट्रायल कोर्ट ने जमानत दे दी थी।

2024 के फैसले को दी गई चुनौती

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने आरोपी की अपील सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने यह समीक्षा केरल हाईकोर्ट द्वारा अप्रैल 2024 के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका के मद्देनजर की। उक्त फैसले में अपीलकर्ता सुरेश बाबू केवी को अग्रिम जमानत दी गई थी। जमानत को इसलिए रद्द कर दिया गया था ताकि पीड़िता की बात नहीं सुनी गई थी।

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