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वेस्ट एशिया तनाव के बीच बड़ी राहत: 80,886 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा भारतीय जहाज

Jag Laadki: वेस्ट एशिया तनाव के बीच ‘जग लाडकी’ टैंकर 80,886 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। जानें भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई पर इसका असर।

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भारत

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Rahul Yadav

Mar 18, 2026

Jag Laadki Crude Oil Mundra Port

Jag Laadki Crude Oil Mundra Port (Image: IANS)

Jag Laadki Crude Oil Mundra Port: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय-ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ लगभग 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। यह खेप संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लोड की गई थी।

जानकारी के अनुसार, यह कच्चा तेल यूएई के फुजैरा पोर्ट से लोड किया गया था। जहाज की लंबाई करीब 274.19 मीटर, चौड़ाई 50.04 मीटर है। इसका डेडवेट टन भार लगभग 1,64,716 टन और ग्रॉस टन भार करीब 84,735 टन है।

ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम आपूर्ति

मुंद्रा पोर्ट पर इतनी बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की खेप का पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश की प्रमुख रिफाइनरियां ऐसे आयात पर निर्भर रहती हैं, जिससे ईंधन उत्पादन और सप्लाई चेन सुचारु रूप से चलती रहती है।

होर्मुज स्ट्रेट के बीच सुरक्षित आवाजाही

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब वेस्ट एशिया में तनाव के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। इससे पहले भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी कैरियर एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 16 और 17 मार्च को सुरक्षित भारत पहुंचे थे। इन जहाजों ने 13 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था।

ऑपरेशन संकल्प के तहत सुरक्षा व्यवस्था

भारत सरकार समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत क्षेत्र में अपनी नौसैनिक उपस्थिति बनाए हुए है। इसका उद्देश्य भारतीय जहाजों और व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखना है।

सरकार और एजेंसियां रख रहीं नजर

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों व भारतीय मिशनों के साथ संपर्क में है। वहीं, केंद्रीय जहाजरानी मंत्री भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों तथा भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर रहा है। वहीं, यूनियन शिपिंग मिनिस्टर भी हालात की निगरानी कर रहे हैं। वेस्ट एशिया में तनाव के बावजूद ‘जग लाडकी’ का सुरक्षित मुंद्रा पोर्ट पहुंचना भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए सकारात्मक संकेत है।