
Representative Image (File Photo/ANI)
US used multiple 5,000-pound bombs Iranian Missile Sites: अमेरिका ने 5,000 पाउंड (2,267 किग्रा) के डीप पेनिट्रेटर बमों का इस्तेमाल करते हुए Strait of Hormuz के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया। इसकी जानकारी यूएस सेंट्रल कमांड ने X पर दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के तट पर स्थित मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के डीप पेनिट्रेटर बम का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। इन ठिकानों पर मौजूद एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रही थीं।'
उधर, इजरायल की आधिकारिक राष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा, आपदा, एम्बुलेंस और ब्लड बैंक सेवा मागेन डेविड एडोम (MDA) के अनुसार, मध्य इजरायल में किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत हो गई। MDA ने जानकारी देते हुए बताया कि मिसाइल के छर्रे तेल अवीव (Tel Aviv) के ठीक उत्तर में स्थित बेनी बराक (Beni Brak) शहर में भी गिरे, जिसमें एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की वायु रक्षा प्रणालियां वर्तमान में ईरान से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही हैं। UAE रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुनी गई आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने (इंटरसेप्ट करने) के कारण थीं। साथ ही, फाइटर जेट्स ने ड्रोन और लूटरिंग म्यूनिशन को भी निशाना बनाया।
UAE की नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने अपने निवासियों से कहा है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और चेतावनी तथा अपडेट के लिए सरकारी चैनलों का पालन करें।
कुवैत सेना ने भी कहा है कि उसकी राष्ट्रीय रक्षा प्रणालियां मिसाइलों और ड्रोन हमलों का मुकाबला सफलतापूर्वक कर रही हैं। सेना ने पुष्टि की है कि देशभर में सुनी गई तेज आवाज़ें कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा रोके जाने का परिणाम हैं। उन्होंने सभी से अनुरोध किया है कि वे सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
आपको बता दें कि ईरान पर पिछले महीने यानी 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद पश्चिम एशिया (मध्य-पूर्व) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान की तरफ से हमले किए गए। इस जंग के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट गहरा गया है।
Updated on:
18 Mar 2026 06:57 pm
Published on:
18 Mar 2026 09:30 am
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