
JDU Attacks Prashant Kishor: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने प्रशांत किशोर और उनकी जन सुराज पार्टी के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर पर एनजीओ के नाम पर राजनीतिक दल चलाने और वित्तीय पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशांत किशोर की फंडिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसकी जांच की मांग की है।
नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, प्रशांत किशोर राजनीति में अशांत किशोर हैं। मेरा गंभीर आरोप है कि वे एनजीओ के नाम पर राजनीतिक दल चला रहे हैं। मैंने सबूत के साथ ऐसी कई कंपनियों का खुलासा किया है, जो अपनी कुल पूंजी से अधिक डोनेशन के रूप में दे रही हैं। इनमें तेलंगाना की कई कंपनियां शामिल हैं, जबकि कई कंपनियां तो अस्तित्व में ही नहीं हैं। इससे जुड़े दस्तावेज मैंने सार्वजनिक कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की राजनीतिक पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में भी पारदर्शिता की कमी है। कहीं भी उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोटो नजर नहीं आता। मैं मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को पत्र लिखने जा रहा हूं, ताकि इस पूरे मामले की जांच हो। हमें शक है कि कहीं यह काले धन को सफेद करने की योजना तो नहीं है या कहीं कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है।
नीरज कुमार ने दावा किया कि जन सुराज पार्टी को चलाने के लिए फर्जी कंपनियों का सहारा लिया जा रहा है। वे फर्जी कंपनियों के माध्यम से राजनीति में फेलोशिप चला रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए कि आखिरकार पार्टी को फंडिंग कौन कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर खुद को जन सुराज का संरक्षक बताते हैं, लेकिन उनका नाम चुनाव आयोग के दस्तावेजों में कहीं भी दर्ज नहीं है। इससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि वास्तव में पार्टी को नियंत्रित कौन कर रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब जेडीयू ने प्रशांत किशोर पर इस तरह के आरोप लगाए हैं। इससे पहले जेडीयू नेता अजीत पटेल के साथ मिलकर नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर पर राजनीतिक सक्रियता की आड़ में गुप्त वित्तीय संचालन करने का आरोप लगाया था।
अब तक प्रशांत किशोर या जन सुराज पार्टी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, प्रशांत किशोर को लेकर यह विवाद बिहार की राजनीति में नए मोड़ ले सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशांत किशोर इन आरोपों पर जवाब देते हैं या जेडीयू के हमले और तेज होते हैं।
Updated on:
11 Feb 2025, 3:10 PM IST
Published on:
11 Feb 2025, 3:10 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.