
झारखंड में मां ने बेटी की दी बलि (Photo-AI)
Jharkhand Crime News: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां अंधविश्वास के नाम पर तांत्रिक के कहने पर एक किशोरी की मां ने बलि दे दी। इस घटना में पुलिस ने लड़की की मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इस घटना को अष्टमी की रात को अंजाम दिया।
अपने मानसिक और शारीरिक बिमारी से पीड़ित बेटे के ईलाज के लिए मां एक तांत्रिक के पास जाती थी। तांत्रिक ने कहा कि अपने बेटे की सभी बीमारियों को ठीक करने के लिए एक कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी।
बताया जा रहा है कि अष्टमी के दिन जब गांव में रामनवमी के मंगला जुलूस का आयोजन चल रहा था, उसी दौरान शांति देवी के घर में किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि इस वारदात में उसकी मां और भीम राम भी शामिल थे।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) अंजनी अंजन और डीआईजी अंजनी झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तारी की जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों में मृतका की मां रेशमी देवी, 55 वर्षीय कथित तांत्रिक शांति देवी और 40 वर्षीय भीम राम शामिल हैं, जो सभी एक ही गांव के निवासी हैं।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि हत्या के दौरान तांत्रिक ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए लड़की के साथ अमानवीय कृत्य किया, जबकि भीम राम ने अनुष्ठान के लिए खून निकालने के उद्देश्य से उसके सिर पर वार किया।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को गांव के एक बगीचे में दफना दिया और जांच को गुमराह करने के लिए दुष्कर्म की झूठी कहानी गढ़ी, जिसे पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में खारिज कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक भीम राम पर पहले भी अपनी भाभी और एक अन्य व्यक्ति की हत्या के आरोप हैं। वहीं पुलिस ने दावा किया कि तांत्रिक ने लड़की के गुप्तांगों में एक छड़ी भी डाली।
इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। इस घटना के विरोध में विपक्षी पार्टी भाजपा ने हजारीबाग में 12 घंटे का बंद भी बुलाया था।
Updated on:
2 Apr 2026, 8:53 AM IST
Published on:
2 Apr 2026, 8:53 AM IST
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