
आतंकी नेटवर्क पर J&K पुलिस की बड़ी कार्रवाई। CIK ने साउथ कश्मीर में मारे छापे। (सोर्स-आईएएनएस)
Terror Network Counter Intelligence Kashmir: साउथ कश्मीर में आतंक के खिलाफ जांच एक बार फिर तेज हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने रविवार को कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आतंक से जुड़े एक मामले की जांच के तहत की गई। अधिकारियों के मुताबिक, खास तौर पर कुलगाम और शोपियां में कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस दौरान दूसरी सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली गई।
अधिकारियों ने बताया कि जो यह कार्रवाई चल रही जांच का हिस्सा है। फिलहाल छापेमारी से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से आगे और जानकारी साझा किए जाने का इंतजार है।
बता दें CIK जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष खुफिया इकाई है। इसका फोकस आतंकी नेटवर्क, कट्टरपंथी मॉड्यूल और आतंक की फंडिंग से जुड़े मामलों पर है। एजेंसी ने हाल के महीनों में ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई बढ़ाई है।
जांच एजेंसियों के सामने एक बड़ी चुनौती छिपे हुए मैसेजिंग ऐप भी हैं। CIK को ऐसे मामलों में स्थानीय संदिग्धों के सीमा पार बैठे आतंकियों से संपर्क के सुराग मिले हैं। इसके लिए हाई-सिक्योरिटी एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
इन संपर्कों की कड़ियां जोड़ने के लिए डिजिटल डिवाइस और कम्युनिकेशन लॉग की जांच की गई। CIK ने इससे पहले भी कई जिलों में ऐसे मामलों को लेकर छापेमारी की थी। इनमें बडगाम, अवंतीपोरा, पुलवामा, कुपवाड़ा, शोपियां और श्रीनगर शामिल रहे हैं।
CIK की जांच सिर्फ खुले इलाकों तक सीमित नहीं है। एजेंसी जेलों से जुड़े संदिग्ध कम्युनिकेशन और बाहरी नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अनंतनाग जिला जेल के अलावा कुलगाम, उधमपुर और जम्मू शहर में भी ऐसे लिंक की पड़ताल की गई।
जुलाई 2026 में CIK ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक स्थानीय भर्ती और स्लीपर सेल मॉड्यूल को बेअसर करने का दावा किया था। यह नेटवर्क पुलवामा, गांदरबल, श्रीनगर और बडगाम में सक्रिय था। जांच में सीमा पार से मिलने वाले निर्देशों की भी बात सामने आई थी।
इस मामले में CIK ने करीब दस ठिकानों पर छापे मारे थे। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, सिम कार्ड और टैबलेट जैसे उपकरण बरामद किए गए। एजेंसी इन उपकरणों से मिले तकनीकी सुरागों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। ताजा कार्रवाई को भी इसी व्यापक जांच और आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
Updated on:
13 Sep 2026, 7:50 PM IST
Published on:
13 Sep 2026, 3:46 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.