28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कुपवाड़ा में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, हिजबुल के लिए ‘हाइब्रिड’ तरीके से काम कर रहा पूर्व आतंकी गिरफ्तार

Kupwara Terrorist Arrest: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में पुलिस और सुरक्षा बलों ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में पूर्व आतंकी मंजूर अहमद भट को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से पिस्टल, दो मैगजीन और 16 गोलियां बरामद हुई हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जम्मू

•

image

Imran Sheikh

•

Updated: 9 Sep 2026, 2:12 PM IST

Kupwara Terror Module

कुपवाड़ा में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर पूर्व आतंकी को गिरफ्तार करते सुरक्षा बल। (फोटो सोर्स-@rajujammu )

Kupwara Terror Module: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में पुलिस और सुरक्षा बलों ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हंदवाड़ा-कुपवाड़ा इलाके में संयुक्त टीम ने एक पूर्व आतंकी को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए 'हाइब्रिड आतंकी' के तौर पर काम कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान क्रूमहुरा, हंदवाड़ा निवासी मंजूर अहमद भट के रूप में हुई है। इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 21 राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की 92वीं बटालियन के साथ मिलकर अंजाम दिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को मंजूर के पास से चीन में बनी एक पिस्टल, दो मैगजीन और 16 गोलियां मिलीं। पुलिस ने हथियार और गोलियां कब्जे में ले ली हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंजूर इससे पहले भी दो मामलों में गिरफ्तार हो चुका है।

इस मामले में हंदवाड़ा थाने में FIR नंबर 232 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मंजूर किन लोगों के संपर्क में था और क्या उसके साथ इस नेटवर्क में दूसरे लोग भी जुड़े हुए हैं। जांच में आतंकी मॉड्यूल की गतिविधियों और उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

क्या होता है हाइब्रिड आतंकी?

'हाइब्रिड आतंकी' ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है, जो देखने में बिल्कुल आम आदमी की तरह जिंदगी जीता है, लेकिन आतंकी संगठन के कहने पर किसी खास वारदात को अंजाम दे सकता है। घटना को अंजाम देने के बाद वह फिर सामान्य जिंदगी में लौट जाता है।

ऐसे लोग आमतौर पर सुरक्षा एजेंसियों की आतंकी सूची में शामिल नहीं होते। इसलिए उन्हें पहले से पहचानना और उन पर नजर रखना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए मुश्किल होता है।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आतंकी संगठन सोशल मीडिया और दूसरे ऑनलाइन माध्यमों के जरिए भी ऐसे लोगों से संपर्क कर सकते हैं। उन्हें किसी खास हमले के लिए छोटे हथियार दिए जा सकते हैं, जिन्हें आसानी से छिपाया जा सके।

पुराने समय के आतंकियों के मुकाबले हाइब्रिड तरीके से काम करने वाले लोग अपनी पहचान छिपाकर रखते हैं। वे आम लोगों के बीच रहते हैं और किसी आतंकी संगठन से सीधे जुड़े हुए नजर नहीं आते। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों के लिए ऐसे लोगों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण होता है।

कुपवाड़ा में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मंजूर से पूछताछ कर रही है। जांच में उसके पुराने संपर्कों, बरामद हथियारों और आतंकी नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

बड़ी खबरें

View All

जम्मू

जम्मू और कश्मीर

ट्रेंडिंग