7 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Jharkhand Student Protest: अखाड़ा नहीं, युवाओं का न्याय मंच: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का दोटूक- नैतिक समर्थन मंजूर, राजनीति कतई नहीं!

JPSC JSSC Protest: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जारी छात्रों का आंदोलन अब एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ विपक्ष के राष्ट्रीय नेता से लेकर तमाम राजनीतिक दल अपने समर्थन का हाथ बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ छात्र नेतृत्व ने अपने इस मंच को 'राजनीतिक अखाड़ा' बनने से साफ इनकार कर दिया है।
2 min read
Google source verification
Jharkhand Student Protest, JPSC JSSC

Jharkhand Student Protest :संवाद का इंतजार, आंदोलन जारी: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने दोहराई गैर-राजनीतिक मंच की बात (फोटो सोर्स:@BJP4India)

JPSC JSSC Latest Update: राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से गूंजती युवाओं की आवाज ने झारखंड की सियासत में हलचल मचा दी है। 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (JPSC PT) और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और ओएमआर शीट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब एक निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है।

तमाम विरोध प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के बीच, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता पीयूष कुमार ने पूरी स्थिति पर छात्रों का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा, "हम फिलहाल 'वेट एंड वॉच' (इंतजार करो और देखो) की स्थिति में हैं। हम राज्य सरकार की ओर से वार्ता के लिए आधिकारिक समय और तारीख तय किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। हमें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।"

Jharkhand Student Protest:: निष्पक्षता पर कायम: केवल नैतिक समर्थन स्वीकार

जिस तरह से इस आंदोलन ने जन-आंदोलन का रूप लिया है, कई राजनीतिक दलों के नेता भी मैदान में उतरते दिख रहे हैं। हालांकि, छात्र नेताओं ने शुरू से ही अपना रुख पूरी तरह निष्पक्ष रखा है। पीयूष कुमार ने दोटूक शब्दों में कहा:

"हमारा मंच पूरी तरह से छात्रों का गैर-राजनीतिक मंच है। जो भी पार्टी या संगठन हमें नैतिक समर्थन देना चाहता है, उसका स्वागत है। लेकिन हमारी शर्त दिन-एक से साफ है हम किसी भी कीमत पर अपने इस पवित्र मंच को किसी राजनीतिक पार्टी का 'अखाड़ा' नहीं बनने देंगे। हमारा किसी दल से कोई लेना-देना नहीं है।"

राहुल गांधी से बातचीत और उम्मीद की किरण

इस आंदोलन की गूंज अब दिल्ली के गलियारों तक भी पहुंच चुकी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्वयं टेलीफोन के जरिए छात्र प्रतिनिधियों से बात की और उनकी मांगों को सुना। इस सकारात्मक मोड़ पर बात करते हुए छात्र नेता ने कहा कि वे राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत को लेकर काफी आशान्वित हैं।

उन्होंने बताया, "राहुल जी ने हमारी मांगों को बेहद गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया है कि वे इस मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। हमें उम्मीद है कि हमारी मांगें जल्द पूरी होंगी। हम किसी भी तरह का बवाल या उपद्रव नहीं करना चाहते। अगर सरकार आज हमारी जायज मांगें मान लेती है, तो हम कल ही इस धरने को समाप्त कर देंगे।"

Jharkhand Student Protest: क्या है पूरा विवाद?

मुख्य मांगें: 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करना, पूरे मामले की सीबीआई (CBI) या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से जांच कराना और ओएमआर शीट में 'नॉट अटेम्प्टेड' का 5वां विकल्प जोड़ना।

सरकारी पहल: राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईडी (CID) को सौंपी है, जिसके तहत कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। इसके साथ ही सरकार ने छात्रों को आधिकारिक वार्ता का प्रस्ताव भी भेजा है।

11-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल: छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 8 छात्र प्रतिनिधियों, 1 वकील और 2 तकनीकी विशेषज्ञों को मिलाकर 11 सदस्यों की टीम बनाई है, जो मीडिया की मौजूदगी में सीधी वार्ता की मांग कर रहे हैं।

झारखंड के हजारों युवाओं का भविष्य इस वक्त अधर में लटका है। छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है कि वह इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए कितनी जल्दी ठोस और पारदर्शी कदम उठाती है।