
JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य (फोटो - चैटजीपीटी)
Ajita Bhattacharya PA Arrested: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक (PA) बीएन राम को CID ने गिरफ्तार किया है। उन पर JPSC की परीक्षा में इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख रुपये वसूलने का आरोप है। JPSC में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान यह 22वीं गिरफ्तारी है।
अजिता भट्टाचार्य खुद भी CID की जांच के दायरे में हैं। एजेंसी उनसे पूछताछ कर चुकी है। उन्होंने 9 अगस्त को JPSC सदस्य के पद से इस्तीफा दिया था। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद और CID की जांच के बीच उनका इस्तीफा सामने आया था।
CID की कार्रवाई में अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम की गिरफ्तारी को JPSC मामले में अहम माना जा रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अभ्यर्थी का इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख रुपये लिए।
यह मामला JPSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच से जुड़ा है। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। अजिता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं। वह सितंबर 2021 में JPSC की सदस्य नियुक्त हुई थीं।
इससे पहले झारखंड CID ने राज्य के कई जिलों में छापेमारी की थी। यह कार्रवाई JPSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को लेकर की गई थी।
CID के मुताबिक, इन आरोपियों में रांची के आदित्य पांडे और पवन कुमार सिंह, पलामू के रविशंकर कुमार और संतोष कुमार सिंह, बोकारो के सानंद प्रकाश, हजारीबाग के लालू कुमार यादव और गिरिडीह के सौरव कुमार पांडे शामिल हैं। हालांकि, इन छापों के दौरान किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
अजिता भट्टाचार्य के अलावा JPSC के सदस्य अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने भी 9 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दिया था। यह घटनाक्रम तीनों सदस्यों को CID की ओर से पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद हुआ। CID ने अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ की थी। वहीं जमाल अहमद से 12 अगस्त को पूछताछ हुई। अनिमा हंसदा को भी एजेंसी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। तीनों सदस्यों की नियुक्ति सितंबर 2021 में JPSC में हुई थी।
JPSC मामले में इससे पहले आयोग के पूर्व चेयरमैन खियांग्ते को भी CID गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी ने उन्हें 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था। 1988 बैच के IAS अधिकारी खियांग्ते पिछले साल फरवरी में मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद उन्हें JPSC का चेयरमैन बनाया गया था। उन्होंने 22 जुलाई को चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था।
CID ने उनसे 28 जुलाई से चार बार पूछताछ की थी। कथित अनियमितताओं के मामले में एजेंसी ने उनके सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर तलाशी भी ली थी। इन घटनाक्रमों के बीच JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
Updated on:
17 Aug 2026 08:26 pm
Published on:
17 Aug 2026 08:18 pm
