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केदारनाथ यात्रा होगी सुगम: सोनप्रयाग से चौमासी के बीच बनेगी 7 किमी लंबी सुरंग, रोपवे से भी जुड़ेगा धाम

केदारनाथ यात्रा को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार सोनप्रयाग से चौमासी के बीच 7 किमी लंबी सुरंग का निर्माण करेगी। 2031-32 तक रोपवे शुरू होने और नई ट्विन-ट्यूब सुरंग से श्रद्धालुओं का सफर सुरक्षित और तेज होगा। जानें भविष्य की कनेक्टिविटी योजना।

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Kedarnath Dham

केदारनाथ धाम (File Photo - IANS)

केदारनाथ धाम की यात्रा को आसान, सुरक्षित और तेज बनाने के लिए केंद्र सरकार एक नई 7 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की तैयारी में है। यह प्रस्तावित सुरंग उत्तराखंड के कालीमठ घाटी में चौमासी को सोनप्रयाग से जोड़ेगी, जहां से केदारनाथ धाम तक जाने वाली रोपवे सेवा शुरू होगी।

कैसे मददगार होगी यह सुरंग?

प्रस्तावित सुरंग ट्विन-ट्यूब संरचना की होगी, जिससे यह न सिर्फ सोनप्रयाग तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग बनेगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में राहत-बचाव कार्य के रास्ते के तौर पर भी काम करेगी। खराब मौसम, भूस्खलन या अन्य आपदाओं के दौरान यह सुरंग यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकती है। यह क्षेत्र दुर्गम भू-भाग और अचानक बदलने वाले मौसम के लिए जाना जाता है।

पैदल यात्रियों के लिए विशेष योजना

सरकार चौमासी की ओर से केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक वॉकवे और पैदल सुरंग के निर्माण की संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी। इससे पैदल यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग मिल सकेगा।

मौजूदा मार्ग और सड़क चौड़ीकरण की योजना

फिलहाल सोनप्रयाग और गौरीकुंड जाने वाले सभी वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-107 का उपयोग करते हैं। नई योजना के तहत कालीमठ घाटी में स्थित एक लेन वाली सड़क को दो लेन में बदला जाएगा। यह सड़क उत्तराखंड सरकार के अधीन है। सुरंग के चालू होने के बाद बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभालने के लिए इसका विस्तार किया जाएगा।

परियोजना की क्यों जरूरत?

  • 17.7 लाख श्रद्धालु पहुंचे पिछले वर्ष केदारनाथ
  • 2030 तक यह संख्या 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है
  • 2040 तक करीब 40 लाख श्रद्धालु केदारनाथ आ सकते हैं
  • सरकार का मानना है कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित करना समय की मांग है।

बन रहा है रोपवे

केंद्र सरकार ने 12.9 किलोमीटर लंबे सोनप्रयाग–केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट का ठेका अदाणी एंटरप्राइजेज को सौंपा है। यह रोपवे 2031–32 तक चालू होने की संभावना है। रोपवे के शुरू होने के बाद केदारनाथ यात्रा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इसकी क्षमता प्रति घंटे 1,800 श्रद्धालुओं को ले जाने की होगी। श्रद्धालु 40 मिनट में एक तरफ की यात्रा पूरी कर सकेंगे।