
केरल को मिली केरलम के रूप में नई पहचान (इमेज सोर्स: पत्रिका डॉट कॉम)
नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट ने केरल का नाम केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और भाषा-पहचान का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। राज्य विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर नाम बदलने की मांग की थी:
केरलम शब्द दो शब्दों- केरा यानी नारियल और अलम यानी भूमि। इस तरह केरलम का अर्थ हुआ- नारियल के पेड़ों की भूमि। यह नाम राज्य की पहचान से मेल खाता है, क्योंकि केरल देश के सबसे बड़े नारियल उत्पादक राज्यों में से एक है। भारत के कुल नारियल उत्पादन का लगभग 45% हिस्सा यहीं से आता है।
लोग नाम बदलने की मांग काफी समय से कर रहे थे। यह फैसला विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है, इसलिए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके समय का राजनीतिक महत्व भी हो सकता है। संसद से संशोधन पारित होने के बाद नया नाम संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल सभी 22 निर्धारित भाषाओं में आधिकारिक रूप से अपनाया जाएगा।
| पुराना नाम | नया नाम | वर्ष | कारण |
|---|---|---|---|
| उड़ीसा | ओडिशा | 2011 | ओड़िया भाषा के सही उच्चारण को दर्शाने के लिए |
| बॉम्बे | मुंबई | 1995 | मुंबा देवी के नाम और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर |
| मद्रास | चेन्नई | 1996 | ऐतिहासिक तमिल नाम ‘चेनापट्टनम’ से लिया गया |
| कलकत्ता | कोलकाता | 2001 | बंगाली उच्चारण के अनुरूप बदलाव |
| पांडिचेरी | पुडुचेरी | 2006 | तमिल शब्द जिसका अर्थ है ‘नया शहर’ |
| बैंगलोर | बेंगलूरु | 2014 | कन्नड़ उच्चारण और ऐतिहासिक जड़ों के अनुसार |
Updated on:
25 Feb 2026 04:58 am
Published on:
25 Feb 2026 04:57 am
