
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए एन. रामचंद्रन की बेटी आरती मेनन व उनकी पत्नी शीला रामचंद्रन, कोच्चि के एडप्पल्ली स्थित चांगमपुझा पार्क में अपने पिता को अंतिम श्रद्धांजलि देती हुई।
Proud Indian : पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर केरलम के कोच्चि में एक भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया। इस दर्दनाक हमले में अपने पिता एन. रामचंद्रन को खोने वाली आरती मेनन ने एक बार फिर अपने जज्बे से सबको हैरान कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें एक भारतीय होने पर गर्व है। आरती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई, विशेष रूप से सैन्य ऑपरेशन की जम कर सराहना की। ध्यान रहे कि एक साल पहले 22 अप्रेल 2025 को कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने बर्बर हमला किया था। इस हमले में देश भर के 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिनमें आरती के 65 वर्षीय पिता भी शामिल थे। यह परिवार कश्मीर में छुट्टियां मनाने गया था, तभी यह खौफनाक घटना घटी। यह भयानक मंजर आरती ने अपनी आंखों से देखा था।
कोच्चि के एडापल्ली में अपने पिता की याद में आयोजित एक शोक सभा में आरती ने साफ तौर पर कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले का असली मकसद पूरे भारत में दंगे भड़काना और देश को बांटना था। लेकिन इसके बावजूद देशवासी आज भी एक साथ और मजबूती से खड़े हैं।
आरती का मानना है कि भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि वह आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिये पाकिस्तान को जो मुंहतोड़ जवाब मिला है, उससे उन्हें बहुत राहत मिली है। उनका कहना है कि पाकिस्तान का भारत को "हजारों कट" से लहूलुहान करने का नापाक सपना पूरी तरह से टूट चुका है।
भारत सरकार ने इस आतंकी घटना के बाद त्वरित और कड़ा कदम उठाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था। इस सैन्य कार्रवाई के तहत सीमा पार स्थित कई आतंकी लॉन्चपैड को तबाह कर दिया गया था। इस हमले को हालिया समय में नागरिकों पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक माना गया था, जिसके बाद पूरे देश में गुस्सा और शोक की लहर दौड़ गई थी। गौरतलब है कि आरती मेनन दुबई में नौकरी करती हैं और अपने माता-पिता व बच्चों के साथ केरलम से कश्मीर घूमने आई थीं।
Updated on:
22 Apr 2026 05:49 pm
Published on:
22 Apr 2026 05:47 pm
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