
Republic Day: भारत में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व हैं। इन्हे देश की शान में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। 1950 में इसी दिन भारतीय संविधान को लागू किया गया था, और तब से यह दिन भारतीय लोकतंत्र और उसके संविधान की महत्वता को समर्पित होता है। इस दिन को राष्ट्रीय ध्वज फहराने, परेड, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है।
संविधान लागू होने का दिन
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया जाता है, जब भारतीय संविधान को लागू किया गया और भारत एक संप्रभु गणराज्य बना।
पहला गणतंत्र दिवस समारोह
भारत का पहला गणतंत्र दिवस समारोह 1950 में दिल्ली के राजपथ पर हुआ था। इस दिन कोई परेड नहीं हुई थी, क्योंकि भारतीय सेना के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे।
संविधान निर्माण में समय
भारतीय संविधान को तैयार करने में लगभग 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे थे। इसे डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता वाली संविधान सभा ने तैयार किया था।
राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण
गणतंत्र दिवस के दिन हर साल राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है। यह कार्यक्रम दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होता है।
सैन्य परेड
गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली में आयोजित होती है, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के विभिन्न दस्ते शामिल होते हैं। यह परेड दुनिया के सबसे बड़े सैन्य परेडों में से एक मानी जाती है।
विशेष मेहमान
हर साल एक विदेशी नेता या प्रमुख मेहमान को गणतंत्र दिवस के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। यह परंपरा 1950 से जारी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में विभिन्न राज्यों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती हैं, जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत और लोक कला का प्रदर्शन होता है।
वीरता पुरस्कार
इस दिन वीरता पुरस्कार जैसे परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीरता पुरस्कार जैसे राष्ट्रीय सम्मान भी प्रदान किए जाते हैं।
राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन
तिरंगे का डिजाइन पिंगली वेंकय्या ने तैयार किया था। इसमें तीन रंग (केसरिया, सफेद और हरा) और एक नीला अशोक चक्र होता है।
प्रथम महिला परेड कमांडर
2021 में, भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल मंजीत कौर ने पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में एक यूनिट का नेतृत्व किया, जो महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
भारत को 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता मिल गई थी। इस दौरान देश का अपना कोई संविधान नहीं था। संविधान का मसौदा डॉ. बीआर अंबेडकर के नेतृत्व वाली संविधान सभा द्वारा तैयार किया गया था। समिति ने 4 नवंबर, 1948 को संविधान सभा में संविधान का अंतिम मसौदा पेश किया था। इसके कुछ महीने बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान को आत्मसात किया गया था, जिसके अनुसार भारत देश एक लोकतांत्रिक, संप्रभु तथा गणतंत्र देश घोषित किया गया था। 26 जनवरी 1950 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था। यह देश के सबसे यह ऐतिहासिक पलों में से एक है।
Published on:
26 Jan 2025 07:19 am
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