
कोलकाता के लॉ कॉलेज कैंपस में एक छात्रा का 25 जून की शाम को गैंग रेप किया गया। प्रतिनिधि फोटो: IANS
Kolkata law college rape Case News: दुख जोड़ता है। दो दुखी या परेशान लोग आपस में एक अनजानी डोर से बंध जाते हैं। ऐसा ही कोलकाता के लॉ कॉलेज की रेप पीड़िता और आरजी कर पीड़िता परिवार के बीच देखा गया। कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में युवती के साथ हुए बलात्कार को लेकर मचे आक्रोश और राजनीति के बीच आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई बलात्कार एवं हत्या की पीड़िता (R.G. Kar Medical College and Hospital rape and murder victim) के माता-पिता ने शनिवार को कहा कि लॉ छात्रा के माता-पिता को भी लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी कोलकाता स्थित एक लॉ कॉलेज की छात्रा के 25 जून की शाम को कॉलेज परिसर में बलात्कार का शिकार होने की घटना के कुछ दिनों बाद आई है।
आरजी कर पीड़िता के अभिभावकों ने कहा कि मामले में तीन आरोपियों को प्राप्त प्रभावशाली समर्थन को देखते हुए महिला के माता-पिता को भी लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले वर्ष अगस्त में जघन्य बलात्कार और हत्या की शिकार बनी जूनियर डॉक्टर की मां ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी के मामले की तरह लॉ कॉलेज बलात्कार मामले में भी आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा सकता है। इसलिए, वे महसूस करते हैं कि अब एक जन आंदोलन की आवश्यकता है, ठीक उसी तरह जैसा उनकी बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध के बाद हुआ था।
आरजी कर पीड़िता की मां ने कहा, "इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि मेरी बेटी के साथ हुई त्रासदी के बाद भी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पहल नहीं की गई। प्रशासन और सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोग अब लॉ कॉलेज बलात्कार मामले में अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्वाभाविक है। लेकिन वास्तविकता यह है कि प्रभावशाली समर्थन के चलते आरोपियों ने कॉलेज परिसर के भीतर इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देने का साहस किया।"
आरजी कर पीड़िता के पिता ने कहा कि उन्हें डर है कि उनकी बेटी के मामले की तरह, प्रभावशाली लोगों और यहां तक कि प्रशासन के भीतर एक वर्ग द्वारा आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "इसलिए मुझे भी लगता है कि लॉ कॉलेज मामले में पीड़ित के माता-पिता को भी हमारी तरह लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि प्रशासन कुछ नहीं करेगा और उन्हें अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी जैसा कि हम कर रहे हैं। पीड़िता के माता-पिता को अब जिस चीज की जरूरत है, वह है जनता का सहज समर्थन, जो हमें मिला है।"
लॉ कॉलेज रेप मामले के तीनों आरोपी मोनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित मुखोपाध्याय तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) से जुड़े थे। तृणमूल कांग्रेस के कई बड़े और कद्दावर नेताओं के साथ मिश्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। मोनोजीत मिश्रा जहां उसी लॉ कॉलेज के पूर्व छात्र हैं, वहीं बाकी दो मौजूदा छात्र हैं। शुक्रवार को तीनों को एक जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
Updated on:
28 Jun 2025 12:29 pm
Published on:
28 Jun 2025 12:08 pm
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