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कुमारी शैलजा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, एक्शन लेने की मांग

कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी हैं, जिसमें उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कारण बताओं नोटिस जारी करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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Abhishek Kumar Tripathi

Sep 01, 2022

Kumari Selja wrote a letter to Sonia Gandhi against Bhupinder Singh Hooda, demanding action

Kumari Selja wrote a letter to Sonia Gandhi against Bhupinder Singh Hooda, demanding action

हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद उनसे मुलाकात की, जिसके बाद से हरियाणा कांग्रेस के दो गुटों आमने-सामने आ गए है। कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने इस मुलाकात की शिकायत सोनिया गांधी से की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद गुलाम नबी आजाद से हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, आनंद शर्मा और पृथ्वीराज चव्हाण ने दो दिन पहले मुलाकात की है। यह तीनों ही नेता G23 ग्रुप का हिस्सा हैं, जिसके बाद से हरियाणा कांग्रेस में हुड्डा के विरोधी गुट उनपर निशाना साध रहे हैं।

दरअसर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे गुलाम नबी आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोनिया गांधी के नाम 5 पेज का इस्तीफा भेजा, जिसमें कांग्रेस के ऐसे हालात के लिए गांधी परिवार को ही जिम्मेदार ठहराया था। इसके साथ ही राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।


कुमारी शैलजा और भूपेंद्र हुड्डा गुट के बीच यह तनातनी काफी पुरानी है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच मतभेद शुरू हो गए हैं। राज्य में कांग्रेस की हार के बाद कुमारी शैलजा ने खुलकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर हमला बोलते हुए हार की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा था। इसके साथ ही वह आए दिन हुड्डा के खिलाफ बयान देती रहती हैं। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी कुमारी शैलजा को कई मुद्दों में घेरते रहते हैं।


हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस के बड़े नेता हैं, जो कांग्रेस आलाकमान तक सीधी पहुंच रखते हैं। हालांकि कुछ समय से वह पार्टी से दूरी बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह G-23 का भी हिस्सा हैं। गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की है, जिसने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।


गुलाम नबी आजाद भी G-23 के अन्य नेताओं की तरह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से नाराज थे। उन्होंने कई मौकों पर कांग्रेस में बदलाव की बात कही थी, लेकिन पिछले महीने 26 अगस्त को उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। कपिल सिब्बल के बाद आजाद G-23 के दूसरे ऐसे नेता हैं जिन्होंने कांग्रेस को छोड़ दिया।

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