
IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी (Photo/ANI)
Lalit Modi SAFEMA Tribunal: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने 16 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद भारत लौटने का ऐलान किया है। SAFEMA (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट) के तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल ने 2009 में साउथ अफ्रीका में हुए IPL-2 से जुड़े FEMA उल्लंघन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के फैसले को पलट दिया, जिससे ललित मोदी और BCCI दोनों को बड़ी राहत मिली। अपने पक्ष में ट्रिब्यूनल के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए ललित मोदी ने कहा कि वे या तो इस साल के आखिर तक या 2027 की शुरुआत में अपने देश लौटेंगे।
लंदन से ट्रिब्यूनल के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ललित मोदी ने कहा, "मैं कल के फैसले से बहुत खुश हूं। मैंने 16 साल तक यह कानूनी लड़ाई लड़ी और जो बात मैं लगातार मीडिया और दुनिया को बताता आ रहा था, वह आखिरकार सच साबित हुई है। ट्रिब्यूनल ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाया है। मेरा एकमात्र मकसद हमेशा IPL और भारतीय क्रिकेट की भलाई रहा है। वह अध्याय अब बंद हो चुका है।"
ललित मोदी ने गए कहा, "मैं जीवन में आगे बढ़ रहा हूं और भारत लौटने का इंतजार कर रहा हूं।" उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है और वे अपने नाती के जन्म के बाद इस साल के आखिर में या अगले साल की शुरुआत में भारत लौटने की योजना बना रहे हैं।
105 पन्नों के विस्तृत आदेश में, SAFEMA ट्रिब्यूनल के जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी और सदस्य राजेश मल्होत्रा की बेंच ने 2018 में ED द्वारा लगाए गए भारी जुर्माने और निष्कर्षों को रद्द कर दिया। ट्रिब्यूनल ने माना कि 2009 में साउथ अफ्रीका में IPL आयोजित करने के लिए ट्रांसफर किए गए फंड कैपिटल अकाउंट ट्रांज़ैक्शन के बजाय करंट अकाउंट ट्रांज़ैक्शन थे। इसलिए इसके लिए RBI से पहले से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं थी।
ट्रिब्यूनल ने पाया कि ललित मोदी बोर्ड के कानूनी FEMA अनुपालन के लिए आर्थिक रूप से ज़िम्मेदार नहीं थे और उन्हें बिना ठोस सबूत के फंसाया गया था। ऐसे में उन पर लगाया गया व्यक्तिगत जुर्माना पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। ट्रिब्यूनल ने BCCI पर लगाए गए करोड़ों रुपये के जुर्माने में से ज्यादातर को भी रद्द कर दिया।
साल 2009 में भारत में आम चुनाव की तारीखों के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से IPL के दूसरे सीजन को अचानक साउथ अफ़्रीका में शिफ्ट करना पड़ा था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी दौरों के लिए फंड ट्रांसफर की 243.45 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े FEMA नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था और 2018 में भारी जुर्माना लगाया था। ललित मोदी 2010 से लंदन में रह रहे थे और लगातार खुद को बेगुनाह बताते रहे। अब, ट्रिब्यूनल के इस फैसले के बाद, उनके भारत लौटने का रास्ता साफ हो गया है।
Updated on:
22 Jul 2026 05:17 pm
Published on:
22 Jul 2026 05:17 pm
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