
PM Modi (ANI)
देश की राजधानी दिल्ली में कर्तव्य भवन के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आइए, हम सब मिलकर भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएं और मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की सफलता की कहानी लिखें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम आधुनिक भारत के निर्माण से जुड़ी उपलब्धियों के साक्षी बन रहे हैं। कर्तव्य पथ, नया संसद भवन, नया रक्षा भवन, भारत मंडपम, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और अब कर्तव्य भवन - ये कोई साधारण बुनियादी ढांचे नहीं हैं। यहां विकसित भारत की नीतियां बनेंगी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। आने वाले समय में यहीं से राष्ट्र की दिशा तय होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'कर्तव्य भवन' के उद्घाटन समारोह में ब्रिटिश काल के पुराने कानूनों को समाप्त करने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि हमने 1,500 से अधिक पुराने कानूनों को खत्म किया है, जो आधुनिक भारत के विकास में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लीकेज ही एकमात्र समस्या नहीं थी, बल्कि अनावश्यक नियम और कानून भी नागरिकों को परेशान करते थे। इनसे सरकार के निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो जाती थी। इसलिए हमने 1,500 से अधिक पुराने कानूनों को खत्म किया, जिनमें से कुछ ब्रिटिश शासन के समय के थे और दशकों बाद भी बाधाएं पैदा कर रहे थे।
कर्तव्य भवन के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन प्रशासनिक भवनों की कार्य-स्थितियां बहुत खराब थीं। भारत सरकार के कई मंत्रालय दिल्ली में 50 अलग-अलग स्थानों से संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश मंत्रालय किराए के भवनों में चल रहे हैं, जिनका वार्षिक व्यय 1.5 हज़ार करोड़ रुपये है। यह राशि केंद्र सरकार केवल किराया चुकाने में खर्च कर रही है। कई और कर्तव्य भवन भी बनाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एक समग्र दृष्टिकोण के साथ आकार ले रहा है, जहां प्रगति हर क्षेत्र तक पहुंच रही है। देश में 30,000 से ज़्यादा पंचायत भवन बनाए गए हैं। गरीबों के लिए चार करोड़ से ज़्यादा पक्के घर बनाए गए हैं। देश में 300 से ज़्यादा नए मेडिकल कॉलेज भी बनाए गए हैं।
Published on:
06 Aug 2025 09:20 pm
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