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बंगाल चुनाव खत्म होते ही ममता बनर्जी को बड़ी राहत, I-PAC डायरेक्टर को मिली बेल

I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिल गई। ईडी ने जमानत का विरोध नहीं किया। पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मिली राहत की टाइमिंग चर्चा में है। मामला कोयला घोटाले और करोड़ों के लेनदेन से जुड़ा है।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 30, 2026

Mamata Banerjee

Mamata Banerjee(AI Image-ChatGpt)

I-PAC: इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी यानी Indian Political Action Committee( I-PAC) के डायरेक्टर विनेश चंदेल को गुरुवार को बड़ी राहत मिल गई। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में नियमित जमानत दे दी। दिलचस्प बात यह रही कि जांच एजेंसी ED ने जमानत का विरोध नहीं किया। इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह है इसकी टाइमिंग। पश्चिम बंगाल में मतदान खत्म होने के अगले ही दिन चंदेल को जमानत मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, इससे ठीक पहले चंदेल को एक झटका भी लगा था। 28 अप्रैल को इसी कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। चंदेल ने अपनी बीमार मां का हवाला देते हुए राहत मांगी थी, लेकिन अदालत ने साफ कहा कि गंभीर आर्थिक अपराधों में सिर्फ मानवीय आधार काफी नहीं होते। अब उसी मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई और अदालत ने उन्हें राहत दे दी।

क्या है पूरा मामला?


यह केस पश्चिम बंगाल के कोयला घोटाले से जुड़ा हुआ है। मामला Eastern Coalfields Limited के लीज क्षेत्रों में कथित अवैध खनन और कोयले की बिक्री का है। शुरुआत में जांच CBI ने की थी, जिसके आधार पर बाद में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। ईडी का आरोप है कि I-PAC के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई को सफेद करने की कोशिश की गई। जांच में करीब 50 करोड़ रुपये के लेनदेन के सुराग मिलने की बात कही जा रही है। एजेंसी का कहना है कि बैंकिंग सिस्टम और कैश के बीच लेनदेन को इस तरह बांटा गया कि असली स्रोत छिपाया जा सके। यह भी आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों और जनमत को प्रभावित करने के लिए किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में ही होगा।

गिरफ्तारी और सियासत

चंदेल को 13 अप्रैल की शाम लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल गरम था। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीति भी तेज हो गई थी। Trinamool Congress समेत कई दलों ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। ईडी के छापे के वक्त राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद I-PAC के दफ्तर पहुंच गई थी। कंपनी बंगाल में टीएमसी का चुनाव प्रचार का काम संभाल रही थी। उनका कहना था कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश है। अब जमानत मिलने के बाद मामला फिर चर्चा में है। कानूनी प्रक्रिया आगे चलेगी, लेकिन फिलहाल चंदेल को राहत मिल गई है।

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