
लोकसभा (फोटोःIANS)
सोमवार को खबर सामने आई कि मोदी सरकार संसद के बजट सत्र के दौरान महिला आरक्षण को लागू करने के लिए दो विधेयक पेश करने की तैयार में है। इसके तहत लोकसभा व विधानसभा चुनावों में कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा आरक्षित की जाएंगी। इससे देश की राजनीति की दशा व दिशा बदल सकती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की योजना है कि लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 की जाए। कुल 273 नई सीटें इनमें जोड़ी जाएंगी। अधिकांश सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। संसद की सीटें बढ़ने से बहुमत का आंकड़ा भी बढ़ जाएगा। वर्तमान में संसद में लोकसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर बहुमत का आंकड़ा 272 है। नए मसौदे के लागू होने के बाद बहुमत का आंकड़ा भी बढ़कर 409 हो जाएगा।
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | वर्तमान सीटें | प्रस्तावित सीटें (महिला आरक्षित सहित) |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 80 | 120 (40 महिला) |
| महाराष्ट्र | 48 | 72 (24 महिला) |
| पश्चिम बंगाल | 42 | 63 (21 महिला) |
| बिहार | 40 | 60 (20 महिला) |
| तमिलनाडु | 39 | 59 (20 महिला) |
| मध्य प्रदेश | 29 | 44 (15 महिला) |
| अरुणाचल प्रदेश | 2 | 3 |
| गोवा | 2 | 3 |
| मणिपुर | 2 | 3 |
| मेघालय | 2 | 3 |
| त्रिपुरा | 2 | 3 |
| मिजोरम | 1 | 2 |
| नागालैंड | 1 | 2 |
| सिक्किम | 1 | 2 |
| दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश) | 7 | 11 (4 महिला) |
| जम्मू-कश्मीर | 5 | 8 (3 महिला) |
वर्तमान 18वीं लोकसभा (2024 चुनाव के बाद) में कुल 543 सदस्यों में से केवल 74 महिला सांसदें हैं, जो कुल का लगभग 13.6% है। यह संख्या 17वीं लोकसभा (2019) की 78 महिला सांसदों से थोड़ी कम है। राज्यवार स्थिति की बात करें तो पश्चिम बंगाल सबसे आगे है, जहां से 11 महिला सांसद हैं। ये सभी TMC से हैं। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से 7-7, मध्य प्रदेश से 6 और तमिलनाडु से 5 महिला सांसद हैं।
वहीं, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। वर्तमान में लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 84 है, जो बढ़कर 126 हो जाएंगी। वर्तमान में अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटें 47 हैं, जो बढ़कर 70 हो सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में हर तीसरे चुनाव में महिलाओं के लिए रोटेशन के आधार पर सीटें आरक्षित किए जाने का प्रावधान है।
यूपी में वर्तमान में लोकसभा की सीटों की संख्या 80 है, जो बढ़कर 120 हो सकती हैं। इसी तरह बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 है, यह बढ़कर 60 तक पहुंच सकती है। पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीटें हैं, जो बढ़कर 63 हो जाएंगी। तमिलनाडु में लोकसभा सीटों की संख्या 39 से बढ़कर 59 हो जाएगी। मध्य प्रदेश में भी सीटें 29 से बढ़कर 44 हो जाएंगी, जिनमें 15 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
गौरतलब बात यह है कि साल 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में महिला आरक्षण को नई जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जोड़ा गया था। अब सरकार इस प्रावधान को अलग कर रही है। माना जा रहा है कि नई जनगणना के आकंड़ों को आने में वक्त लग सकता है। इसलिए सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर ही नया परिसीमन कराने पर विचार कर रही है। ताकि 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों में यह कोटा लागू किया जा सके।
Updated on:
24 Mar 2026, 10:36 AM IST
Published on:
24 Mar 2026, 10:35 AM IST
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