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घायल कल्याण बनर्जी से मिलने पहुंची ममता बनर्जी, राहुल गांधी ने BJP पर साधा निशाना

घायल कल्याण बनर्जी से मिलने के लिए टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पहुंची। वहीं, घटना को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं का भी बयान आया है।

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Mamata Banerjee arrives to meet Kalyan Banerjee

कल्याण बनर्जी से मिलने पहुंची ममता बनर्जी

TMC चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी से उनके घर पर मुलाकात की। उन पर आज चंडीतला पुलिस स्टेशन के पास कथित तौर पर हमला हुआ था। वहीं, हमले को लेकर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया भी आई है। राहुल गांधी ने कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की निंदा की है।

राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म

वहीं, घायल कल्याण बनर्जी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंने शुभेन्दु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद पर एक ईर्ष्यालु व्यक्ति बैठा है। बीजेपी तानाशाही रवैये के जरिए अपने विरोध में खड़े सभी TMC नेताओं को खत्म कर देना चाहती हैं।

उन्होंने बताया कि चांदिताला पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी से मिलने और उन्हें ज्ञापन देने के लिए जब मैं कार से आ रहा था, तो चांदिताला बाजार में जबरदस्त ट्रैफिक जाम था। उस समय, मैं अपने PSO के साथ चांदिताला क्रॉसिंग पर पैदल चल रहा था, जो चांदिताला पुलिस स्टेशन से 50 किलोमीटर दूर है।

बीजेपी के गुंडों ने मुझे पीटा : कल्याण बनर्जी

वहां भगवा कपड़े पहने 10-15 BJP के गुंडे थे, जिन्होंने अचानक नारे लगाने शुरू कर दिए और माहौल में तनाव पैदा कर दिया। वे मुझे गालियां दे रहे थे, लेकिन मैं आगे बढ़ रहा था, तभी मेरे सिर पर एक पत्थर फेंका गया। अब दो घंटे बीत चुके हैं, और मेरे कपड़ों पर खून लगा हुआ है। मैं सड़क पर गिर गया था, और एक CRPF जवान ने आकर मुझे बचाया, जिसके लिए मैं उनका आभारी हूं। हालांकि, बंगाल पुलिस पूरी तरह से चुप रही, मूक दर्शक बनी रही, और यह सब होने दिया।

क्या यह विकसित भारत की तस्वीर है: कपिल सिब्बल

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा, "यह भाजपा के कार्यकाल में हो रहा है। यह विकसित भारत का दृश्य दिखा रहा है। आने वाले वर्षों का यह दृश्य है। इस देश के गृह मंत्री और भाजपा के बड़े नेता ने इस कृत्य की निंदा नहीं की। सुवेंदु अधिकारी को खुद वहां जाना चाहिए था। जिस व्यक्ति ने पत्थर फेंका था, उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई… यह पहले से ही तय था कि उनके आने पर पथराव किया जाएगा। यह लोकतंत्र की हिंसा है।