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‘हर दिन कई लोग मारे जा रहे या गायब हो रहे हैं’, बलूचिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ भारी विरोध, प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम किया

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है। बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और सैन्य कार्रवाई से परेशान हैं। पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ बलूचिस्तान में पीड़ित परिवारों ने बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया है।

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भारत

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Vinay Shakya

Apr 21, 2026

People protesting in Balochistan

बलूचिस्तान में विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोग (Image- BYC 'X')

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लोगों ने जबरन गुमशुदगी की घटनाओं के खिलाफ कड़ा विरोध-प्रदर्शन किया। केच जिले के सहाकी बलगतार इलाके में बलोच परिवारों ने सोमवार को चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर हाइवे पर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इकोनॉमिक कॉरिडोर हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोग अपने लापता परिजनों की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे थे।

क्या है विवाद?

बलोच यकजहती कमेटी के अनुसार, 24 वर्षीय किसान आबिदीन को रविवार की शाम किलखोर रोड से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने पकड़ लिया था। इसके बाद से आबिदीन लापता है। परिवार का कहना है कि उन्हें आबिदीन की कोई खबर नहीं मिली है। बलूच में हो रहे इस अत्याचार के खिलाफ लोग विरोध जता रहे हैं। बलोच यकजहती कमेटी ने कहा कि यह प्रदर्शन जबरन गुमशुदगी को खत्म करने और बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग को लेकर किया जा रहा है।

हर दिन कई लोग मारे जा रहे या लापता हो रहे

बलूचिस्तान में हो रही गुमशुदगी की घटनाओं पर बलोच यकजहती कमेटी ने आरोप लगाया कि उनके प्रांत में हर दिन कई लोग या तो गायब हो रहे हैं या मारे जा रहे हैं। इसी तरह बलोच वॉइस फॉर जस्टिस ने भी गुमशुदगी के मुद्दे पर चिंता जताई है। बलोच वॉइस फॉर जस्टिस ने कहा कि जबरन गुमशुदगी को दमन के औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन है और पीड़ित परिवारों को न्याय से वंचित करता है।

सुरक्षा एजेंसियों ने 19 अप्रैल को 4 लोगों को उठाया

बलोच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग 'पांक' ने खुलासा किया कि 19 अप्रैल की रात ग्वादर जिले के पनवान इलाके में सुरक्षा बलों ने छापेमारी कर 4 अन्य लोगों को जबरन उठा लिया था। इनमें 19 वर्षीय मछुआरे सोहेल करीम, 20 वर्षीय छात्र नादिल बलोच, 14 वर्षीय छात्र दिलशाद दाद और एक अन्य युवक अली फजल शामिल हैं।

पांक ने 18 अप्रैल को केच जिले से 27 वर्षीय छात्र इकराम के कथित अपहरण की भी निंदा की और कहा कि छात्रों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा 17 अप्रैल की रात केच के शापक इलाके से युवा गायक मोहम्मद ताज को भी सुरक्षा बलों द्वारा घर से उठाए जाने का मामला सामने आया है। पांक ने कहा कि ताज का कोई पता नहीं है और यह घटना क्षेत्र में सांस्कृतिक और कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए घटती जगह को दर्शाती है। मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन घटनाओं का संज्ञान लेने और लापता लोगों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।